अमरनाथ यात्रा ।

अमरनाथ यात्रा की हुई शानदार शुरुआत, लगभग 5000 से अधिक श्रद्धालु जम्मू से रवाना हुए; 13,000 से अधिक श्रद्धालु नुनवान व बालटाल पहुंच गए हैं। जाने विस्तार से।

अमरनाथ यात्रा पर जाने के लिए जम्मू में मौके पर ही श्रद्धालुओं का पंजीकरण शुरू, उमड़े बड़ी संख्या में श्रद्धालु:-

परिचय: श्रद्धालुओं की आस्था और साहस की यात्रा:- एक नजर 

जम्मू की अमरनाथ यात्रा हिन्दू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थों में से एक मानी जाती है, जो हर साल लाखों श्रद्धालुओं को जम्मू-कश्मीर के कठिन पहाड़ी क्षेत्रों के बीच स्थित अमरनाथ गुफा तक ले जाती है। यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं का साहस, श्रद्धा और सामूहिक एकता का प्रतीक भी है। साल 2025 की अमरनाथ यात्रा को लेकर देश भर में इस बार विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। वर्तमान में श्रद्धालुओं की भारी संख्या में भीड़ जम्मू में उमड़ चुकी है, जहां मौके पर ही पंजीकरण की सुविधा को भी प्रारंभ किया गया है।

अमरनाथ यात्रा ।

श्रद्धालुओं के लिए जम्मू में ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की व्यवस्था लागू:- 

जम्मू प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को व्यवस्थित तथा सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मौके पर ही पंजीकरण की शुरुआत कर दी है। यह पंजीकरण जम्मू के भगवती नगर यात्रा आधार शिविर नमक स्थान पर किया जा रहा है। इस सुविधा का लाभ मुख्यतः उन श्रद्धालुओं को मिल रहा है जो पहले से ऑनलाइन या ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाये। पंजीकरण केंद्र पर सुविधा के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, आईडी कार्ड, फोटो और निर्धारित शुल्क की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। पहले दिन ही हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण कराने के लिए पहुंचे, जिससे स्थान पर भव्य धार्मिक वातावरण दिख रहा था।

जम्मू में श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़:- 

यात्रा के पहले दिन से ही भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ने लगे थे। मुख्य रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और दक्षिण भारत के राज्यों से भक्तों की भारी भीड़ लगातार जम्मू आ रही है।

अमरनाथ यात्रा ।

भारी संख्या में श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ “हर-हर महादेव” और “बोल-बम” के नारे लगाकर लंबी-लंबी कतारों में खड़े हुए हैं। बहुत से भक्त तो अपने परिवार और बच्चों के साथ अमरनाथ यात्रा पर आए हैं। श्रद्धालुओं के कुछ समूहों ने पैदल यात्रा करने की पूरी तैयारी की हुई है तो कुछ घोड़ों या हेलीकॉप्टर सेवा से जाने का भी विचार बना रहे हैं।

यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत:- 

यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए जम्मू और कश्मीर पुलिस, अर्धसैनिक बलों तथा सेना ने कड़े इंतजाम किए हुए हैं। साथ ही सीसीटीवी निगरानी, RFID ट्रैकिंग सिस्टम, ड्रोन से निगरानी और कुशल ट्रैफिक नियंत्रण की भी अच्छी व्यवस्था की हुई है। यात्रा में आतंकी हमलों की संभावना को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष बलों की अधिक तैनाती की गई है।

अमरनाथ यात्रा ।

जम्मू के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग पर हर 1 से 2 किलोमीटर की दूरी पर सुरक्षा जांच चौकियां भी बनाई गई हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछनीय गतिविधियों को दुर्घटना से पहले ही रोका जा सके।

अमरनाथ यात्रा का मार्ग और परिवहन व्यवस्था पर एक नजर:- 

जम्मू की अमरनाथ यात्रा के लिए दो मुख्य मार्ग बनाए गए हैं:

  1. जिसमे पहला पहलगाम रूट; जो लगभग 46 किमी लंबा है। इसकी पारंपरिक और सुन्दर मार्ग; शारीरिक रूप से अधिक चुनौतीपूर्ण है।
  2. दूसरा बालटाल रूट है जो लगभग 14 किमी दूरी के साथ एक छोटा रास्ता है लेकिन यह अधिक खड़ी चढ़ाई वाला मार्ग है।

जम्मू और कश्मीर सरकार ने रोडवेज, निजी बसों और टैक्सी सेवाओं को यात्रियों के लिए सुरक्षित और समयबद्ध बनाने हेतु विशेष निर्देश दिए हुए हैं। इसके साथ ही, श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने हेलीकॉप्टर सेवा भी प्रारंभ की हुई है जो नेफरा और पंचतरणी के बीच सुचारु रूप से चलती है।

इस यात्रा के लिए सरकारी और प्रशासनिक प्रयास पर एक नजर:- 

जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड और भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों से यात्रा को सुगम, अच्छा और व्यवस्थित बनाने का भरशक प्रयास किया गया है।

  • रास्ते में श्रद्धालुओं के लिए फ्री लंगर।
  • सफर में रहने के लिए टेंट शहर की सुविधा।
  • रास्ते में बिजली और पानी की पूर्ण सुविधा।
  • सरकार द्वारा इसमे स्वच्छता अभियान को प्राथमिकता दी गई है।

इसका निष्कर्ष: श्रद्धा, सुरक्षा और संयोजन का प्रतीक माना गया है:- 

सरकार द्वारा जम्मू में मौके पर पंजीकरण की शुरुआत ने अमरनाथ यात्रा को अधिक समावेशी, कुशल और सहज बना दिया है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने इस बात की ओर संकेत किया है कि बाबा बर्फानी के लिए लोगों की आस्था दिनोंदिन और प्रगाढ़ और गहरी होती जा रही है।

केंद्र और जम्मू प्रशासन की सख्त सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं की उपस्थिति और डिजिटल तकनीक के उपयोग से यह यात्रा एक आदर्श धार्मिक आयोजन के रूप में होती जा रही है। देखा जाये तो यह न केवल धार्मिक भावनाओं का उत्सव मात्र है, बल्कि देश की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक एकता का भी प्रतीक माना जाता है।

पहलगाम आतंकी हमला : Pahalgam Terror Attack: आतंकी हमले में घायलों का मुफ्त इलाज कराएंगे मुकेश अंबानी, 26 लोगों की हत्या की आतंकवादियों ने । सरकार किस प्रकार लेगी बदला? जाने विस्तार से।

https://www.amarujala.com/jammu/bhole-s-devotees-started-reaching-the-registration-centers-jammu-2025-06-30

Similar Posts

One Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *