उत्तराखंड के देहरादून में अब तक 82 से अधिक ढोंगी बाबा को गिरफ्तार किया गया,’ऑपरेशन कालनेमि’ चलाया गया उत्तराखंड सरकार द्वारा। Always Right or Wrong.
उत्तराखंड सरकार का ऑपरेशन कालनेमि: जिसके तहत देहरादून में 82 ढोंगी बाबाओं को किया गया गिरफ्तारी:-
उत्तराखंड सरकार द्वारा उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हाल ही में चलाए गए एक विशेष अभियान के तहत “ऑपरेशन कालनेमि” चलाया गया जिसमे पुलिस ने अब तक 82 से अधिक फर्जी साधु-बाबाओं को गिरफ्तार किया है। यह अभियान राज्य पुलिस द्वारा धार्मिक स्थलों और आम जनता को ठगने वाले ढोंगी बाबाओं के खिलाफ चलाया है। इस कार्रवाई ने न केवल राज्य में हलचल तेज कर दी है, बल्कि यह एक बड़े सामाजिक और नैतिक मुद्दे की ओर भी अपना ध्यान आकर्षित कर रहा है। प्रदेश में धर्म और आस्था के नाम पर ठगी और अंधविश्वास का फैलाव तेजी से हो रहा है।
ऑपरेशन कालनेमि ही नाम क्यों रखा गया:-
कालनेमि नाम रामायण में एक राक्षस का है जिसे रावण ने हनुमान को रोकने के लिए भेजा था और जो एक मुनि का रूप धारण कर हनुमान जी को छल से भटकाना चाहता था। पुलिस ने इस ऐतिहासिक प्रतीक को ऑपरेशन के नाम के तौर पर नाम दिया है ताकि इस बात को स्पष्ट किया जा सके कि ये फर्जी साधु समाज को भ्रमित करने वाले और धर्म की आड़ में भोली भाली जनता को छल करने वाले लोग हैं।
इस अभियान की शुरुआत कैसे हुई ?
उत्तराखंड की पुलिस ने यह विशेष अभियान देहरादून जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों, आश्रमों और तीर्थ क्षेत्रों गंभीर रूप से चलाया हुआ है। खासकर वे स्थान जो हरिद्वार, ऋषिकेश और देहरादून के आसपास वाले क्षेत्र हैं और जहां देश-विदेश से श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में यहाँ घूमने आते हैं ।
इस ऑपरेशन के द्वारा पुलिस की टीमों ने निम्नलिखित तरीकों से अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया है:
- स्थानीय खुफिया सूचना आदि के माध्यम से और सर्विलांस का उपयोग करते हुए संदिग्ध बाबाओं की पहचान की गयी।
- उत्तराखंड में आश्रमों और डेरों की तलाशी हुई जहां बिना पंजीकरण और बिना किसी धार्मिक संस्था से मान्यता लिए लोग बाबा के रूप में रह रहे थे।
- पुलिस द्वारा बाबाओं के पहचान पत्र, गतिविधियां, बैंक खातों और सामाजिक मीडिया प्रोफाइल की गहन जांच की गयी।
- पुलिस द्वारा उन बाबाओं की पड़ताल अच्छे से की गयी, जो अवैध तरीके से चंदा वसूली, जमीन कब्जा, महिलाओं से दुर्व्यवहार करना, ड्रग्स का सेवन व तंत्र-मंत्र जैसे कृत्यों में लिप्त पाए गए हैं।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए बाबाओं पर क्या आरोप ?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 82 में से अधिकांश ढोंगी बाबाओं पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगे हैं:
- क्षेत्र में अवैध रूप से चंदा वसूली करना और जनता को ठगना आदि।
- महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न की घटनाएँ या अश्लील हरकतें करना आदि।
- बाबाओं द्वारा नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल और फर्जी साधु वेश बदलकर रहना।
- ड्रग्स और मादक पदार्थों का सेवन और वितरण किया जाना, जिस कारण समाज में गलत संदेश जाता है।
- बाबाओं द्वारा अंधविश्वास फैलाया जाना और झूठे चमत्कार आदि के दिखावे करना।
- अवैध रूप से जमीन और संपत्ति कब्जाने का गंभीर प्रयास किया जाना।
जनता में आस्था और अंधविश्वास के बीच की एक रेखा होनी चाहिए:-
भारत में साधु-संतों को सदियों से पूजनीय माना जाता है। वे समाज को मार्गदर्शन, सेवा और ज्ञान आदि देने वाले माने जाते रहे हैं। लेकिन वर्तमान समय में कई लोग इस विश्वास का बड़ी संख्या में दुरुपयोग कर रहे हैं। ऐसे फर्जी दिखने वाले बाबा धर्म के नाम पर लोगों को भ्रमित करके उनसे धन लूटते हैं, देश के युवाओं को भ्रमित करते हैं और बहुत बात महिलाओं के साथ भी खिलवाड़ करते हैं। इस तरह के बाबाओं की वजह से असली साधु-संतों की छवि भी समाज में खराब होती है।
इसका निष्कर्ष:-
उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाये गए ऑपरेशन कालनेमि केवल 82 फर्जी बाबाओं की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होने वाला, बल्कि यह एक बड़ी सामाजिक जागरूकता की पहल भी बन चुका है। यह अभियान इस बात का भी संकेत देता है कि देश के लिए अब समय आ गया है कि धर्म और विश्वास के नाम पर हो रहे इस शोषण और पाखंड को हमेशा के लिए समाप्त किया जाए।
इस ऑपरेशन के द्वारा सिर्फ उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देशभर के राज्यों के लिए भी एक उदाहरण पेश किया है। यदि अन्य राज्य सरकारें भी इस प्रकार की सख्ती दिखाएँ, तो भविष्य में ढोंगी बाबाओं का नेटवर्क अपने आप ही कमजोर होने लगेगा और धर्म का असली और सच्चा स्वरूप फिर से देश में स्थापित हो सकेगा।
https://sanmarg.in/india/82-fake-babas-arrested-under-operation-kaalnemi