गोल्ड रेट, Gold Rate: टूटे सारे रिकॉर्ड, 23 अप्रैल को सोने का भाव 1 लाख के पार, जानें विस्तार से कि आज दिल्ली-मुंबई-कोलकाता-चेन्नई में लेटेस्ट रेट क्या हैं?

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गोल्ड Gold (सोना) के भाव में इतनी बढ़ोतरी क्यों?

वर्तमान में भारत में Gold सोने के दाम बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और वर्तमान में 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गए हैं।​

गोल्ड 1 लाख के पार
गोल्ड 1 लाख के पार

ताजा गोल्ड (सोने) के भाव (22 अप्रैल 2025 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार):

  • 22 कैरेट सोना: लगभग ₹89,710 प्रति 10 ग्राम

  • 24 कैरेट सोना: लगभग ₹1,00,050 प्रति 10 ग्राम​

इन कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार, डॉलर-रुपया विनिमय दर के अनुसार, स्थानीय मांग और आपूर्ति जैसे कारकों के अनुसार ही इसका प्रभाव होता है।

गोल्ड 1 लाख के पार

क्या गोल्ड (सोना) 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है?

यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी रहती है तो डॉलर कमजोर होता है या घरेलू मांग में अचानक वृद्धि होती है जैसे त्योहारों या शादी के सीजन में, तो सोने की कीमतें और बढ़ेंगी। हालांकि, 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर अभी और बढ़ेगा, लेकिन यदि मौजूदा रुझान जारी रहता है, तो यह संभवतः 1 लाख 20 हजार के पर जाएगा।

यदि कोई निवेशक निवेश या खरीदारी की योजना बना रहा है, तो बाजार की मौजूदा स्थिति और भविष्य के रुझानों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।

अप्रैल 2025 में भारत में सोने की कीमतें लगातार बढ़ती जा रही हैं।

गोल्ड 1 लाख के पार

 वर्तमान सोने के भाव (अप्रैल 2025)

  • 23 अप्रैल 2025 को दिल्ली में:

    • 24 कैरेट सोना: ₹1,00,395 प्रति 10 ग्राम

    • 22 कैरेट सोना: ₹89,865 प्रति 10 ग्राम

  • 3 अप्रैल 2025 को दिल्ली में:

    • 24 कैरेट सोना: ₹93,530 प्रति 10 ग्राम पर था।

    • 22 कैरेट सोना: ₹85,750 प्रति 10 ग्राम पर था। ​

गोल्ड 1 लाख के पार
भविष्य का अनुमान पर एक नजर:-

गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के अनुसार, यदि वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ अस्थिर बनी रहेंगी, तो 2025 के अंत तक सोने की कीमत लगभग ₹1.30 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच जाएगा।

इसलिए, वर्तमान में सोने की कीमतें ₹1,00,000 के आसपास हैं, लेकिन ₹1 लाख 10 हजार के स्तर तक पहुंचने के लिए अभी और वृद्धि की आवश्यकता है।​

गोल्ड 1 लाख के पार

वर्तमान में सोने की कीमतों में तेज़ी से वृद्धि देखने को मिल रही है और इसके पीछे बहुत से प्रमुख कारण हैं:

  1. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण : अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध, वैश्विक मंदी की आशंका और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के कारण भी निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं, जिससे इसकी मांग बढ़ती जाती है।
  2. केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी के कारण: भारत, चीन और तुर्की जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों ने अपने  भडारण को उच्च स्तर तक बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी की हुई है, जिससे कीमतों में लगातार वृद्धि हुई है।
  3. कमजोर होते अमेरिकी डॉलर के कारण: अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने से सोना सस्ता होता है, जिससे वैश्विक स्तर पर इसकी मांग बढ़ती है और कीमतें ऊपर जाती हैं।
  4. भारत में त्योहारी और विवाह सीजन: भारत में शादी और त्योहारों के मौसम में सोने की मांग परंपरागत रूप से तेजी से बढ़ती है, जिससे कीमतों में तेजी उसी अनुसार तेजी आती है।
  5. निवेशकों के रुझानों की दिशा: शेयर बाजार की अस्थिरता के कारण निवेशक सोने में निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ रहे हैं।
गोल्ड 1 लाख के पार

इन सभी कारणों से सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। यदि कोई निवेशक सोने में निवेश करने की योजना बना रहा है, तो वर्तमान की बाजार स्थिति और अपने निवेश के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना ही उचित होगा।

गोल्ड 1 लाख के पार
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सोने के बढ़ते दाम को कंट्रोल कर पाना एक जटिल प्रक्रिया है, क्योंकि इसके दाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फैक्टर्स पर निर्भर करते हैं। सरकार और केंद्रीय बैंक कुछ नए उपायों के ज़रिए इसके दामों को स्थिर या नियंत्रित करने की कोशिश कर सकती है:
1. सोने के आयात को नियंत्रित करना (Import Control):

भारत सोने का एक बड़ा आयातक देश है। अगर सरकार सोने के आयात पर उच्च टैक्स या ड्यूटी लगा देती है, तो इसकी मांग कम हो जाएगी, जिससे दामों में स्थिरता आएगी।

2. सोने में  निवेश करने वाले विकल्पों को बढ़ावा देना:

सरकार को ऐसे विकल्प पेश कर चाहिए जो लोगों को फिजिकल गोल्ड (जैसे गहनों या सिक्कों) की बजाय डिजिटल गोल्ड, गोल्ड बॉन्ड्स (SGB) या ETF में निवेश करने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रेरित करें।

3. रुपये की मजबूती होना:

सोने गोल्ड की अंतरराष्ट्रीय कीमतें डॉलर में होती हैं। अगर रुपया कमजोर होगा, तो भारत में सोना महंगा होगा। इसलिए रुपये को मजबूत बनाए रखना भी सोने की कीमतों पर नियंत्रण का एक अच्छा तरीका है।

4. मांग को कम करने के मुख्य उपाय:

त्योहारों और शादियों के समय सोने की मांग बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। सरकार को जनजागरूकता अभियान चलना चाहिए जिससे लोग गोल्ड की जगह दूसरे निवेश विकल्प चुनें सकें।

5. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सरकार का हस्तक्षेप:

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ज़रूरत पड़ने पर सोने की खरीद-बिक्री करके मार्केट को संतुलित कर सकती है।

क्या सोने की कीमतें को पूरी तरह से कंट्रोल किया जा सकता हैं?
गोल्ड 1 लाख के पार

सोना एक वैश्विक वस्तु है और इसके दाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय होते हैं। इसलिए इसकी कीमतों को कंट्रोल का पाना मुश्किल है। जैसे:

  • अमेरिकी डॉलर की स्थिति का प्रभाव
  • वैश्विक आर्थिक संकट का प्रभाव
  • जियो-पॉलिटिकल तनाव (जैसे युद्ध) का प्रभाव
  • केंद्रीय बैंकों की नीतियाँ का प्रभाव
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इन सब पर भारत का सीधा नियंत्रण नहीं हो सकता, इसलिए भारत केवल सीमित दायरे में ही गोल्ड की बढ़ती कीमतों को नियंत्रण कर सकता है।

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