टेसला ने 2025 में किया भारत में प्रवेश, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा बदलने की उम्मीद! जाने विस्तार से। Always right and wrong.
भारत में हुई टेसला कंपनी की एंट्री, अब इलेक्ट्रिक वाहन यानि EV उद्योग का ‘iPhone मोमेंट’ देखने को मिलेगा:-
भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलने वाला है। दुनिया की सबसे चर्चित इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेसला, जिसकी भारत में संभावित एंट्री को ‘EV के क्षेत्र में iphone मोमेंट के रूप में देखा जा सकता है, यानी वह क्षण अब आ गया है जिसमे पूरी EV इंडस्ट्री में तकनीकी और मानसिक क्रांति दिखेगी; जैसे स्मार्टफोन की दुनिया में iPhone के आने से हमें देखने को मिल रहा है।
1. भारत में टेसला के प्रवेश तक वर्तमान स्थिति क्या है ?
टेसला कंपनी के सीईओ एलन मस्क लंबे समय से कहते आ रह हैं कि वे जल्द ही भारत में व्यवसाय शुरू करेंगे। साल 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एलन मस्क की मुलाकात ने इस दिशा को एक नया मोड़ दे दिया था। इसके बाद टेसला कंपनी ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खोलने की दिशा में पहला कदम बहाया, डीलर नेटवर्क विकसित करने के साथ ही स्थानीय स्तर पर बैटरियों के निर्माण की योजनाओं पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया गया है।
भारत सरकार ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र को आगे बढ़ावा देने के लिए नए नियमों और टैक्स छूट की एक महत्वपूर्ण पेशकश की है। केंद्र सरकार ने टेसला स्पेशल EV पॉलिसी भी तैयार की हुई है, जिसके तहत कंपनी को सीमित संख्या में कारें आयात करने की अनुमति भी दी जाएगी, लेकिन उसे भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट भी अवश्य लगानी होगी।
2. भारत में iPhone मोमेंट का मतलब आप किस प्रकार देखते है ?
जब Apple कंपनी ने वर्ष 2007 में iPhone लॉन्च किया था, तो उसने सिर्फ एक मोबाइल मात्र नहीं, बल्कि एक संपूर्ण स्मार्टफोन क्रांति को ही शुरू कर दिया था। उसने पूरी इंडस्ट्री का फोकस टच स्क्रीन की ओर, ऐप इकोसिस्टम के साथ ही उपयोगकर्ता अनुभव पर केंद्रित कर दिया था।
उसी प्रकार, टेसला कंपनी की भारत में एंट्री EV सेक्टर में आईफोन की तरह ही परिवर्तन ला सकती है। भारत में वर्तमान में जो EV मौजूद हैं, वे मुख्यतः लो-एंड और मिड-रेंज सेगमेंट तक ही सीमित होते हैं। टेसला के आने से हाई-एंड सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ेगी और यह बाजार के अन्य खिलाड़ियों को भी इनोवेशन के लिए तेजी से प्रेरित करेगा।
3. टेसला कंपनी के भारत में आने से EV सेक्टर पर कितना प्रभाव दिखेगा:-
(क) Tesla के आने से तकनीकी विस्तार:-
Tesla की कारें एडवांस्ड ऑटोनॉमस फीचर्स, ओवर-द-एयर सॉफ्टवेयर अपडेट्स के साथ-साथ अत्याधुनिक बैटरी टेक्नोलॉजी से भी लैस होंगी। इनका आगमन भारतीय कंपनियों के लिए एक चेतावनी भी होगी कि अब केवल सस्ते वाहन ही नहीं, बल्कि स्मार्ट तकनीक के साथ और इंटेलिजेंट वाहन ही बाजार में टिक पाएँगे।
(ख) रोज़गार सृजन
Tesla company की भारत में यूनिट लगने से इंजीनियरिंग, रिसर्च, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में हज़ारों नौकरियाँ उत्पन्न होने की संभावना है। EV तकनीक की पढ़ाई करने वाले युवाओं को भविष्य में नई संभावनाएँ दिखेंगी।
(घ) भारत में स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा:-
Tesla का भारत में आना, EV इकोसिस्टम के चारों ओर नए स्टार्टअप्स को भी अपनी ओर आकृषित करेगा; जैसे बैटरी री-सायक्लिंग होना, चार्जिंग नेटवर्क अधिक-से-अधिक होना, IoT टेक्नोलॉजी का उपयोग, स्मार्ट वाहन ऐप्स का ज्यादा इस्तेमाल, आदि होना चाहिए। हम देखते हैं कि भारत में पहले से ही Ola Electric वाहन, Ather Energy का उपयोग और BluSmart जैसे EV स्टार्टअप्स इस दिशा में अग्रणी कार्य कर रहे हैं, जिन्हें Tesla कंपनी के साथ प्रतिस्पर्धा करने का भी मौका मिलेगा।
4. ईवी से पर्यावरणीय लाभ पर एक नजर:-
भारत जैसे विशाल देश में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है। टेसला जैसी कंपनियाँ यदि बड़े पैमाने पर EV देश में लाती हैं, तो पेट्रोल-डीज़ल पर निर्भरता काफी हद तक घटेगी और ग्रीन मोबिलिटी को ज्यादा बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही सरकार की साल 2030 तक 30% वाहनों को इलेक्ट्रिक बनाने की योजना को भी बहुत हद तक बल मिलेगा।
5. Tesla कंपनी के लिए चुनौतियाँ भी कम नहीं दिखती:-
भारत में Tesla कंपनी की एंट्री को इतना आसान भी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि भारत में EV इंफ्रास्ट्रक्चर देखा जाये तो अब भी शुरुआती दौर से ही गुजर रहा है।
- भारत में चार्जिंग स्टेशनों की भारी कमी का होना।
- बैटरी सप्लाई चेन का अब भी बहुत अभाव है।
- सड़कों की गुणवत्ता में वर्तमान में काफी सुधार है लेकिन ड्राइविंग परिस्थितियाँ अब भी ज्यादा सुदृढ़ नहीं हैं।
- Tesla company अपनी कीमतों के लिए भी आम भारतीय की पहुँच से वर्तमान में बाहर ही दिखती है।
Tesla की भारत में entry…..
इसका निष्कर्ष:
Tesla Company के भारत में आगमन से सिर्फ एक कार कंपनी का आना मात्र नहीं है। यह नवाचार, टेक्नोलॉजी और हरित भविष्य की ओर भी एक महत्वपूर्ण और उपयोगी कदम है। जैसे iPhone ने मोबाइल इंडस्ट्री ने भारत को एक नई दिशा दी, टेसला भारत के EV सेक्टर को नया आकार देती हुई दिख रही है।