2025 में कौन देश तेल भंडार और तेल पैदावार में सबसे आगे और कौन सबसे पीछे? जाने पूरी सूची। Always Right or Wrong.
विश्व में तेल भंडार और तेल पैदावार में कौन सा देश सबसे आगे और कौन-सा देश सबसे पीछे? भारत और पाकिस्तान इसमें कहाँ खड़े?
तेल, जिसे भारत में काला सोना भी कहा जाता है, वैश्विक अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ है। ऊर्जा, परिवहन, पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक और रक्षा क्षेत्र सहित लगभग हर उद्योग की मूलभूत आवश्यकता का स्त्रोत तेल ही है। विश्व के अनेक देश तेल भंडार और उत्पादन के आधार पर वैश्विक राजनीति को तय करने के साथ ही विश्व की अर्थव्यवस्था में अपना प्रभुत्व बनाए रखे हुए हैं। लेकिन कुछ देश विश्व में ऐसे भी हैं जो या तो तेल भंडार से वंचित बने हुए हैं या उनका उत्पादन बहुत ही कम है। इस संदर्भ में भारत और पाकिस्तान जैसे देशों की स्थिति विश्लेषण योग्य हो जाती है।
तेल भंडार करने में सबसे आगे वेनेजुएला देश:-
वर्तमान में देखा जाये तो वेनेजुएला के पास विश्व के सबसे बड़े कच्चे तेल भंडार रूप हैं। ओपीईसी के आँकड़ों के अनुसार वेनेजुएला के पास लगभग 303 बिलियन बैरल कच्चे तेल का बड़ा भंडार मोजूद है। यह भंडार मुख्यतः भारी और अल्ट्रा-भारी कच्चे तेल का माना जाता है, जिसे रिफाइन करना काफी कठिन होता है, लेकिन मात्रा में काफी विशाल है।
- यह भंडार देश के ओरिनोको बेल्ट में केंद्रित है।
- हालांकि भंडार के लिहाज से यह देश सबसे आगे है, लेकिन राजनीतिक अस्थिरता, खराब प्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण वेनेजुएला का तेल उत्पादन वर्तमान में स्तर से बहुत नीचे गिर चुका है।
तेल उत्पादन में सबसे आगे संयुक्त राज्य अमेरिका:-
संयुक्त राज्य अमेरिका वर्तमान में दुनिया का सबसे बड़ा कच्चा तेल उत्पादक देश है, जो
- साल 2023-24 में अमेरिका का औसत उत्पादन 13 मिलियन बैरल प्रति दिन से भी ऊपर चला गया था।
- इसके पीछे शेल ऑयल क्रांति को माना जाता है, जिसमें हाईड्रोलिक फ्रैक्चरिंग और हॉरिजॉन्टल ड्रिलिंग तकनीकों का प्रयोग बड़े स्तर पर हुआ।
अमेरिका अब तेल के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर है, बल्कि एक बड़ा निर्यातक देश भी बन चुका है।
तेल भंडार और उत्पादन में सबसे पीछे देश निम्नलिखित हैं:-
कुछ देश प्राकृतिक रूप से तेल से वंचित बने हुए हैं:
सबसे पीछे रहने वाले देश (Oil Reserve व उत्पादन के क्षेत्र में):
- नेपाल, भूटान, होंडुरस, कंबोडिया, जाम्बिया आदि देशों के पास ना के बराबर कहा जाये या बहुत कम तेल भंडार क्षमता है।
- ऐसे देश अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का लगभग 100% ही आयात पर निर्भर रहते हैं।
तेल के क्षेत्र में भारत की स्थिति:-
तेल भंडार में:-
भारत Oil Reserve के मामले में दुनिया के शीर्ष 20 देशों में भी वर्तमान में शामिल नहीं है।
- भारत के पास लगभग 4.5 बिलियन बैरल के करीब सिद्ध तेल भंडार ही हैं।
- प्रमुख भंडार क्षेत्र:
- मुंबई हाई Oil Reserve ।
- कावेरी बेसिन Oil Reserve ।
- असम-अरुणाचल क्षेत्र Oil Reserve ।
- कृष्णा-गोदावरी बेसिन Oil Reserve ।
भारत के ये भंडार काफी सीमित माने जाते हैं और उच्च गुणवत्ता वाले भी नहीं कहे जाते।
तेल उत्पादन में भारत का स्थान:-
- भारत रोजाना लगभग 6,00,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन स्वयं करता है।
- यह देश की कुल खपत का मात्र 13-15% ही है।
- शेष 85% से अधिक तेल आयात वह दूसरे देशों से करता है।
भारत की तेल आयात पर निर्भरता:-
- भारत चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है।
- भारत ने वर्ष 2023-24 में लगभग $160 बिलियन डॉलर मूल्य का कच्चा तेल दूसरे देशों से आयात किया।
भारत की ऊर्जा नीति:-
भारत ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में:-
- भारत-ईरान, रूस, सऊदी अरब, इराक आदि से विविध स्रोतों से तेल खरीदता आ रहा है।
- भारत ने Strategic Petroleum Reserves यानि SPR का निर्माण किया है।
- भारत द्वारा बायोफ्यूल, इथेनॉल मिश्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की नीति को अपनाया गया है।
वर्तमान में पाकिस्तान की स्थिति:-
(a) तेल भंडार के क्षेत्र में:-
- पाकिस्तान के पास 0.35 बिलियन बैरल से भी कम सिद्ध Oil Reserve की क्षमता हैं।
- भंडार के प्रमुख क्षेत्र:
- सिंध (कराची के पास) तेल भंडार।
- बलूचिस्तान तेल भंडार।
- खैबर पख्तूनख्वा तेल भंडार।
(b) तेल उत्पादन में:-
- पाकिस्तान का औसतन तेल उत्पादन 85,000 बैरल प्रति दिन के पास है।
- यह उसकी कुल मांग का केवल 15-20% मात्र ही है।
- शेष 80-85% तेल के लिए उसे आयात करना पड़ता है।
(c) पाकिस्तान के लिए तेल आयात की प्रमुख चुनौतियाँ:
- पाकिस्तान आर्थिक संकट, डॉलर की कमी और IMF की शर्तों के कारण अक्सर तेल खरीदने में बहुत सी मुश्किलों का सामना करता है।
- ईरान से पाकिस्तान का सीमावर्ती अवैध ईंधन व्यापार भी होता है।
भारत और पाकिस्तान के लिए भविष्य की दिशा:-
- भारत को ऊर्जा सुरक्षा के लिए करना चाहिए:
- घरेलू उत्पादन को तेजी से बढ़ाना।
- नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा देना
- इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को सही प्रकार से अपनाना
- रणनीतिक भंडारण क्षमता को सही प्रकार से बढ़ाना जरूरी है।
- पाकिस्तान को करना चाहिए कि:
- अपने सीमित संसाधनों का कुशल दोहन करने की आवश्यकता।
- ईरान के साथ ऊर्जा सहयोग को तेजी से मजबूत करे
- और IMF की शर्तों से बाहर आने का कोई ठोस रास्ता ढूंढे।
इसका निष्कर्ष:-
Oil Reserve और उत्पादन की वैश्विक दौड़ में वेनेजुएला और अमेरिका वर्तमान में सबसे आगे हैं – एक भंडार में और दूसरा उत्पादन के क्षेत्र में। भारत और पाकिस्तान, दोनों ही इस दौड़ में काफी पीछे हैं और आयात पर अत्यधिक निर्भर बने हुए हैं।
भारत जहाँ ऊर्जा विविधीकरण की नीति के साथ अपने विकल्प को तेजी से मजबूत कर रहा है, वहीं पाकिस्तान गंभीर आर्थिक संकट और कच्चे तेल की सीमित उपलब्धता के कारण भी ऊर्जा सुरक्षा के गंभीर संकट से वर्तमान में जूझ रहा है।
तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता होना और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना ही भविष्य में किसी भी देश की सच्ची ताकत बनकर उभरेगा।
yes