भाजपा ने 5 प्रदेशों के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त

भाजपा ने 5 प्रदेशों के अध्यक्ष नियुक्त किए: तेलंगाना में विरोध के बाद रामचंदर राव BJP प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए:एमपी में हेमंत खंडेलवाल को जगह मिली, हिमाचल में राजीव बिंदल को, उत्तराखंड में महेंद्र भट्‌ट को कमान सौंपी गयी है।

बीजेपी को पाँच राज्यों में मिल गए नए प्रदेश अध्यक्ष: रणनीति, संतुलन और 2024-25 की तैयारियाँ:- 

भारतीय जनता पार्टी अर्थात भाजपा जिसने हाल ही में पांच राज्यों; जिनमें बिहार, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना और महाराष्ट्र राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पाँच राज्यों में इतना बड़ा बदलाव होना; यह घटनाक्रम सिर्फ संगठनात्मक बदलाव मात्र नहीं है, बल्कि साल 2025 के अंत तक कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों और कुछ राज्यों में होने वाले पंचायत चुनावों की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। भाजपा ने इन प्रदेशाध्यक्षों की नियुक्तियों के ज़रिए जातीय समीकरण, क्षेत्रीय संतुलन, संगठन के भीतर ऊर्जा और कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने का भरपूर प्रयास किया है।

भाजपा 5 प्रदेशों के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त

1. बिहार राज्य में सम्राट चौधरी के स्थान पर डीएन सिंह नियुक्त:- 

बिहार राज्य में सम्राट चौधरी को हटाकर दरभंगा जिले के पूर्व सांसद और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) समुदाय से आने वाले डी.एन. सिंह को प्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। भाजपा का यह बदलाव EBC वोट बैंक पर अपनी पुनः पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। एनडीए की वापसी के बाद भारतीय जनता पार्टी बिहार में फिर से पुराने तेवर में सक्रिय होने का प्रयास कर रही है। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष डीएन सिंह शांत स्वभाव और संगठन की मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते रहे हैं। वे बिहार राज्य की राजनीति में धरातल के नेता के रूप में अपनी पहचान रखते हैं। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को बिहार से बेहतर प्रदर्शन नहीं मिला जिस कारण भाजपा विधान सभा चुनाव में कोई चूक नहीं करना चाहती।

5 प्रदेशों के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त

2. राजस्थान राज्य में सीपी जोशी के स्थान पर डॉक्टर संजय शर्मा की नियुक्ति:- 

राजस्थान राज्य में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी के स्थान पर अब डॉक्टर संजय शर्मा को प्रदेश की कमान सौंपी गई है। शर्मा ब्राह्मण समुदाय से हैं और वे चिकित्सा क्षेत्र के साथ-साथ संघ के करीबी भी माने जाते हैं। राजस्थान की राजनीति में ब्राह्मण समुदाय का एक बड़ा प्रभाव हमेशा से रहा है और यह कदम कांग्रेस के ब्राह्मण नेताओं को काउंटर करने की रणनीति भी हो सकती है। विधानसभा चुनावों में भाजपा को कांग्रेस से कड़ी चुनौती मिली और भाजपा कुछ ही बहुमत से सत्ता में आई थी। नए अध्यक्ष के रूप में संजय शर्मा को संगठन को फिर से ऊर्जावान बनाने की ज़िम्मेदारी सौंपी गयी है और युवाओं तथा मध्यवर्ग को जोड़ना जैसे प्रमुख कार्य करने का काम भी मिला है।

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3. ओडिशा राज्य के लिए मनमोहन सामल के स्थान पर सूरज पाढ़ी को तरजीह दी गयी है:- 

ओडिशा राज्य में भाजपा को एक बड़ा चेहरा मिल गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी और अनुभवी प्रशासक सूरज पाढ़ी जो सेवानिवृति के बाद भाजपा में शामिल हुए थे। उन्होंने कुछ वर्ष पहले सेवा से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हुए थे। नवीन पटनायक के नेतृत्व में बीजू जनता दल (BJD) की मजबूत पकड़ को कमजोर करने के लिए भाजपा को एक कुशल और अच्छी छवि वाले नेता की आवश्यकता थी, जिसे सूरज पाढ़ी के रूप में तलाशा गया है। यहाँ भी भाजपा ने ब्राह्मण समुदाय को प्रतिनिधित्व देकर एक सामाजिक संदेश देने की भरशक कोशिश की है। पाढ़ी का प्रशासनिक अनुभव और समझ भाजपा को नीति निर्धारण व जनसंवाद के मामले में BJD से टक्कर देने में काफी मदद कर सकता है।

4. तेलंगाना राज्य में किशन रेड्डी के स्थान पर श्री एटाला राजेंदर को नियुक्त किया गया है:- 

तेलंगाना राज्य में भारतीय जनता पार्टी ने एटाला राजेंदर को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे पहले टीआरएस, जो अब  BRS, के वरिष्ठ नेता रह चुके हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री भी रह चुके हैं। बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था और वे पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बन गए हैं। भारतीय जनता पार्टी के लिए यह नियुक्ति आगामी साल 2028 विधानसभा चुनाव और राज्य में भाजपा की साख को ओर मज़बूत करने के प्रयास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। राजेंदर पिछड़ा वर्ग (BC) से आते हैं और एक किसान नेता की छवि रखते हैं, जिससे ग्रामीण वोट बैंक को साधने की भरपूर कोशिश हो रही है। इसके अलावा, राज्य में भाजपा को कांग्रेस और BRS दोनों से खूब टक्कर मिल रही है, ऐसे में मजबूत और जमीनी नेता की काफी जरूरत थी।

5. महाराष्ट्र राज्य में चंद्रशेखर बावनकुले के स्थान पर आशीष शेलार को नियुक्ति मिली:- 

महाराष्ट्र राज्य में भाजपा ने चंद्रशेखर बावनकुले के स्थान पर आशीष शेलार को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। शेलार को मुंबई की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम माना जाता है और उन्हें देवेंद्र फडणवीस का करीबी भी माना जाता है। वे वकील भी हैं और साथ ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। महाराष्ट्र राज्य की राजनीति में बेहद जटिल और बहुकोणीय हो गई है, भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजित पवार गुट) और महाविकास अघाड़ी (उद्धव-शरद पवार कांग्रेस गठबंधन) में त्रिकोणीय संघर्ष शामिल है। शेलार की नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी के लिए शहरी मतदाताओं और युवाओं को लुभाने का भरशक प्रयास माना जा रहा है। साथ ही वे मराठी अस्मिता के मुद्दों को भी बहुत प्रभावी ढंग से पहले भी उठा चूके हैं।

5 प्रदेशों के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त

इसका निष्कर्ष:-

भारतीय जनता पार्टी की यह पाँच राज्यों की नियुक्तियाँ केवल संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक रणनीति का मजबूत हिस्सा हैं। इसका जातीय संतुलन, क्षेत्रीय मजबूती और स्थानीय मुद्दों को सहेजते हुए भाजपा ने अपनी चुनावी तैयारी को नए सिरे से धार देने की भरपूर कोशिश की है। भविष्य में यह देखने योग्य होगा कि ये नए प्रदेश अध्यक्ष अपने-अपने राज्यों में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को कितना मजबूत और सशक्त बना पाते हैं। लेकिन एक बात तो साफ है कि भाजपा मैदान में अब और अधिक तैयारी और संतुलन के साथ चुनाव में उतर रही है।

दिसम्बर 2024 तक का समय था, मई 2025 तक भी गंगा के किनारों को हरा-भरा बनाने के लिए मिले पैसे को खर्च नहीं कर पाए पाँच राज्य। आइये जाने विस्तार से।

https://drishtant.in/6-states-of-bjp-got-new-state-presidents/

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