मोटापे से परेशान दुनिया

भारत सरकार ने मोटापे को कम करने के लिए शुरू की पहल। शिक्षा विभाग अध्यापकों को देगा ट्रेनिंग। 2025 Always Right or Wrong.

भारत में शिक्षा विभाग की पहल पर बढ़ी चिंता, अध्यापकों को दी जाएगी ट्रेनिंग:- 

वर्तमान में भारत तेजी से आर्थिक और तकनीकी विकास की ओर अग्रसर हो रहा है, लेकिन इसके साथ ही देश एक गंभीर और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का भी सामना तेजी के साथ कर रहा है; वह है मोटापे की समस्या। पहले यह समस्या शहरी इलाकों और उच्च आय वर्ग तक के लोगों के बीच ही मानी जाती थी, लेकिन अब यह ग्रामीण क्षेत्रों और बच्चों के बीच भी तेजी से बढ़ रही है। इस चिंताजनक स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मोटापा नियंत्रण और स्वास्थ्य शिक्षा को तेजी से बढ़ावा देने की एक अभिनव पहल की है, जिसमें स्कूलों के सभी अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जायेगा ताकि वे छात्रों में स्वास्थ्य जागरूकता फैला सकें और उन्हे बता सकें कि मोटापा स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है।

मोटापे से होने वाली परेशानी

भारत में मोटापे का बढ़ता संकट:-

वर्तमान में देखा जाये तो भारत में मोटापा अब एक महामारी के रूप में सामने आने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि WHO की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 5 से 19 आयु वर्ग के बच्चों में मोटापे की दर पिछले दशक में दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। इसके पीछे बहुत से प्रमुख कारण हैं:

  • बच्चों में फास्ट फूड और प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन करना।
  • फिजिकल एक्टिविटी की कमी होना।
  • डिजिटल स्क्रीन का अधिक उपयोग करना।
  • अनियमित दिनचर्या और तनावपूर्ण जीवनशैली का होना।

यह स्थिति आने वाले वर्षों में और भी ज्यादा गंभीर हो सकती है यदि बच्चों को बचपन से ही उचित स्वास्थ्य शिक्षा और व्यवहार न सिखाया जाए तो।

मोटापे से होने वाली परेशानी

शिक्षा विभाग की पहल पर स्कूलों को बनाया गया केंद्र बिन्दु:-

शिक्षा विभाग ने इस संकट की गंभीरता को देखते हुए स्कूल स्तर पर मोटापा नियंत्रण अभियान की बड़े स्तर पर शुरूआत की है। इसके तहत कुछ मुख्य कदम उठाए जा रहे हैं:

  1. अध्यापकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गयी है। अध्यापक बच्चों के सबसे नजदीकी/करीबी मार्गदर्शक होते हैं। इसलिए उन्हें पोषण, व्यायाम, जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर अच्छे से प्रशिक्षित किया जा रहा है; जैसे: संतुलित आहार की समझ होना, दैनिक व्यायाम और योग का महत्व होना, बच्चों की भावनात्मक स्थिति की अच्छे से निगरानी करना और मोटापे से जुड़ी बीमारियों की जानकारी जैसे टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि।
  2. स्कूल में हेल्थ काउंसलिंग सत्र की शुरुआत की गयी है। स्कूलों में हेल्थ अवेयरनेस कैंप और काउंसलिंग सत्र शुरू किए जा रहे हैं, जहां बच्चों को मोटापे के खतरे और उससे बचने के उपायों के बारे में अच्छे से जानकारी दी जाती है, किचन गार्डन और पोषण शिक्षा दी जा रही है ताकि स्कूल परिसर में किचन गार्डन विकसित कर छात्रों को अच्छे से सिखाया जा रहा है कि पौष्टिक भोजन कैसे उगाया और अपनाया जाना चाहिए। इससे बच्चों में प्रकृति से जुड़ाव और संतुलित भोजन की आदत को भी अच्छे से बढ़ावा मिलता है।
  3. स्पोर्ट्स और फिजिकल एक्टिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। शिक्षा नीति के तहत अब खेल और व्यायाम को शिक्षा के बराबर महत्व दिया जायेगा। दैनिक खेल पीरियड अनिवार्य किए जा रहे हैं। साथ ही योग और ध्यान को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है।
मोटापे से होने वाली परेशानी

इसका समाधान और भविष्य की योजना:-

इन चुनौतियों से सही प्रकार निपटने के लिए कुछ सुझाव इस प्रकार दिये जा रहे हैं:

  1. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानि PPP मॉडल को अपनाया जाना चाहिए। NGOs और हेल्थकेयर कंपनियों की मदद से प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और व्यापक बनाया जा सकता है जिससे वे अच्छे से काम कर सकें।
  2. डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाना चाहिए ताकि ई-लर्निंग और हेल्थ ऐप्स के जरिए बच्चों और अभिभावकों को सही प्रकार और सटीक जानकारी उपलब्ध करवाई जा सके।
  3. स्कूलों में हेल्थ चेकअप अनिवार्य किया जाना चाहिए। ताकि हर तिमाही में BMI, ब्लड प्रेशर और अन्य चेकअप स्कूल स्तर पर अच्छे से होने चाहिए।
  4. मीडिया और प्रचार का माध्यम अपनाया जाना चाहिए। टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया के माध्यम से बच्चों और युवाओं में हेल्थ अवेयरनेस को अच्छे से बढ़ावा दिया जा सकता है।
मोटापे से होने वाली परेशानी

इसका निष्कर्ष:-

मोटापे की समस्या अब सिर्फ एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या मात्र नहीं है, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय चिंता का विषय भी बना हुआ है। शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में अध्यापकों को प्रशिक्षित करने की एक बहुत अच्छी पहल है। जो न केवल समय की मांग है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को एक स्वस्थ जीवन की ओर ले जाने का सशक्त प्रयास भी बनकर सामने आएगा।

क्या आपको भी है रात में देर तक जागने की आदत, तो सावधान हो जाएँ, आप गंभीर बीमारियों से घिरने वाले हैं। 2025।

किसी के बचपन में पड़ी आदतें उसके जीवन भर साथ चलती हैं। यदि स्कूली स्तर पर ही बच्चों को स्वास्थ्य, व्यायाम, संतुलित आहार और जीवनशैली की उचित जानकारी अच्छे से दी जाए, तो न केवल मोटापे पर सही प्रकार काबू पाया जा सकता है, बल्कि भारत की अगली पीढ़ी को एक स्वस्थ, सक्रिय और सशक्त राष्ट्र निर्माता के रूप में भी तैयार किया जा सकता है।

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