भारत के आर्थिक विकास में राजमार्गों का विशेष योगदान। अच्छे राजमार्गों से कम होता है सरकार का आर्थिक बोझ। 2025 . Always Right or Wrong.
अच्छे राजमार्ग देश की तरक्की में किस प्रकार सहायक होते हैं:-
अच्छे राजमार्ग किसी भी देश की सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक प्रगति की रीढ़ माने जाते हैं। भारत जैसे विशाल और विविधताओं वाले देश में राजमार्गों की महत्ता बहत हद तक बढ़ जाती है, जहाँ एक सुदृढ़ सड़क नेटवर्क न केवल लोगों और वस्तुओं की आवाजाही को सुगम और सरल बनाता है, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को गति देने, औद्योगिकीकरण को प्रोत्साहित करने में और क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में भी बहुत हद तक महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है।
आर्थिक विकास को गति देना:-
देश में राजमार्गों के जरिए माल की ढुलाई तेज और कम लागत में पूरी हो जाती है। अच्छी सड़कें कच्चे माल को फैक्ट्रियों तक ले जाने और तैयार उत्पादों को बाजारों तक तेजी से पहुँचाने में भी मदद होती हैं। इससे उत्पादन की लागत भी घटती है और वस्तुएँ उपभोक्ताओं तक कम कीमतों में आसानी और कम समय में पहुँचती हैं।
विशेषकर लॉजिस्टिक्स, निर्माण और खुदरा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। औद्योगिक गलियारों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) को राजमार्गों से जोड़कर स्थानीय उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पाहुचना काफी सरल हो गया है।
रोज़गार सृजन में भी काफी योगदान:-
अच्छे राजमार्ग निर्माण और रख-रखाव में बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से देश के लोगों के लिए रोजगार प्रदान करते हैं। इसके अलावा, राजमार्गों के आस-पास ढाबे, गैरेज, परिवहन सेवाएँ, होटल आदि भी सही प्रकार से विकसित होते हैं जो स्थानीय स्तर पर आजीविका के मुख्य साधन बनते हैं।
भारत में क्षेत्रीय संतुलन और ग्रामीण विकास:-
भारत की एक बड़ी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। जब गाँवों और कस्बों को अच्छे राजमार्गों के द्वारा शहरों से जोड़ा जाता है, तो कृषि उत्पादों का विपणन भी काफी सुगम होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियाँ भी बढ़ती हैं। इससे पलायन भी कम होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता भी आती है।
देश में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है:-
Highways के विकास से देश के पर्यटक स्थलों तक आसान और सुरक्षित पहुँच भी संभव हो जाती है। जैसे कि ‘भारतमाला परियोजना’ के अंतर्गत कई प्रमुख पर्यटन स्थलों को Highways से भी जोड़ा जा रहा है। पर्यटन उद्योग न केवल विदेशी मुद्रा को कमाता है, बल्कि स्थानीय रोजगार के अवसर भी तेजी से उत्पन्न करता है।
सामाजिक एकता और सामरिक सुरक्षा के क्षेत्र में:-
अच्छे Highways विभिन्न राज्यों, संस्कृतियों और भाषाओं को एक-दूसरे से सरलता से जोड़ देते हैं, जिससे सामाजिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता को भी अच्छे से सफलतापूर्वक बल मिलता है।
सीमा क्षेत्रों तक पहुँचने के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क की भी बहुत अधिक आवश्यक होती है। अच्छे Highways सेना की त्वरित तैनाती के लिए भी आवश्यक होते है, राहत सामग्री की आपूर्ति के लिए और आपदा के समय बचाव कार्यों को भी बहुत आसान बना देते हैं।
भारत में लागू की गयी प्रमुख राजमार्ग परियोजनाएँ निमन्वत हैं:-
- भारत की स्वर्णिम चतुर्भुज योजना – चार प्रमुख महानगरों जिनमें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता को एक-दूसरे से जोड़ती है।
- भारतमाला परियोजना जो देश के सीमावर्ती क्षेत्रों और आर्थिक गलियारों को जोड़ने की महत्वाकांक्षी परियोजना है।
- पूर्वी-पश्चिमी गलियारा जो औद्योगिक विकास हेतु विशेष रूप से डिजाइन किया गया नेटवर्क है।
इसका निष्कर्ष:-
देश मेन Highways का विकास केवल भौतिक अवसंरचना का विस्तार मात्र नहीं है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समावेश, राष्ट्रीय एकता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा में एक दृढ़ कदम भी है। अच्छे Highways देश के भीतर संसाधनों के कुशल वितरण से लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को आकर्षित करने तक की प्रक्रिया में उत्प्रेरक की भूमिका बहुत अच्छे से निभाते हैं।
भारत देश को यदि 21वीं सदी की वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रमुख स्थान प्राप्त करना हो तो Highways जैसे आधारभूत ढाँचे में निरंतर निवेश करना, रखरखाव और विस्तार होना बहुत जरूरी होता है।