Waqf Law 2025, वक्फ कानून 2025 पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार, संसद और सर्वोच्च न्यायालय में कौन ज्यादा ताकतवर? जाने विस्तार से।
(Waqf Board) वक्फ बोर्ड क्या है ? जाने…. 

सुप्रीम कोर्ट और संसद के बीच वक्फ बोर्ड को लेकर विवाद हाल के दिनों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट और संसद दोनों ही विभिन्न मुद्दों को लेकर विचार कर रहे हैं। वक्फ बोर्ड, जो मुसलमानों के धार्मिक और सांस्कृतिक मामलों को देखता है, उसकी संरचना और काम करने के तरीके को लेकर विभिन्न कानूनी और राजनीतिक बहसें की जा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की कार्यप्रणाली और इसकी भूमिकाओं पर कई महत्वपूर्ण निर्णय दिए हैं, वहीं संसद ने वक्फ एक्ट में संशोधन के लिए कुछ नए विधेयक लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में वक्फ बोर्ड के अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर विस्तार से दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जबकि संसद में इसके नियंत्रण और प्रशासन की दिशा पर विस्तार से चर्चा हो रही है।
वक्फ बोर्ड के प्रशासन की पारदर्शिता, जमीनों की बिक्री और धार्मिक गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से उभरकर सामने आए रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में अपने फैसले दिए हैं, लेकिन संसद ने कानून बनाने की प्रक्रिया के अनुसार वक्फ बोर्ड की वर्तमान स्थिति को और ज्यादा स्पष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
यह मुद्दा अभी भी न्यायिक और विधायी स्तर पर विचाराधीन है और इसके समाधान के लिए दोनों पक्षों के बीच संवाद और समझौते की दिशा मे काम किए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने वक्फ अधिनियम, 1995 में सुधार करने के लिए वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 पेश किया था, जिसे 5 अप्रैल 2025 को राष्ट्रपति ने अपनी मंजूरी दी। इस विधेयक का उद्देश्य, वक्फ बोर्डों के कार्यों में पारदर्शिता लाना, महिलाओं को प्रतिनिधित्व प्रदान करना और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना आदि शामिल है।
प्रमुख प्रावधान:-
- वक्फ संपत्तियों के सत्यापन के संबंध में:-
अब वक्फ बोर्डों की किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कराने से पहले सभी संबंधित पक्षों को एक नोटिस जारी करना होगा और राजस्व कानूनों के अनुसार उचित कार्रवाई करनी होगी। - महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी के संबंध में:-
वक्फ बोर्ड की केंद्रीय वक्फ परिषद में कम से कम दो महिलाएं सदस्य अवश्य होंगी। - विवाद समाधान के लिए न्यायाधिकरण के संबंध में:-
देश की सभी राज्य सरकारों को वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों के समाधान के लिए एक न्यायाधिकरण स्थापित करना होगा, जिनके आदेशों पर उस राज्य के हाई कोर्ट में 90 दिनों के भीतर अपील की जा सकती है। - वक्फ संपत्तियों की निगरानी के संबंध में:-
किसी राज्य की वक्फ संपत्तियों की निगरानी के लिए जिला मजिस्ट्रेट को शामिल किया जा सकता है, जिससे दुरुपयोग की संभावना कम की जा सके। - वक्फ बोर्डों की संरचना में बदलाव के संबंध में:-
विधेयक में वक्फ बोर्डों की संरचना में बदलाव की बात की गई है जिसमें महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाएगा।
वक्फ विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ होगा और उचित न्याय भी मिल सकेगा।
देश में वक्फ बोर्ड एक सरकारी या निजी संगठन है जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण के लिए स्वयं जिम्मेदार है। वक्फ एक इस्लामी धार्मिक संस्था है, जिसमें व्यक्ति या संगठन अपनी संपत्ति जैसे जमीन, भवन, आदि को धार्मिक या सामाजिक उद्देश्य के लिए दान कर देते हैं और उसे किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए खर्च किया जा सकता है। वक्फ संपत्ति का उपयोग वक्फ कानून के अनुसार गरीबों, अनाथों, मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों और अन्य धर्मार्थ कार्यों के लिए किया जा सकता है।
वक्फ बोर्ड का कार्य:
- वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन: वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों की देखभाल करता है, जो कि जमीन, मकान या अन्य संपत्तियाँ हो सकती हैं। इन संपत्तियों का उपयोग धार्मिक और सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है।
- वक्फ संपत्तियों का संरक्षण: वक्फ बोर्ड, वक्फ संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए काम करता है ताकि भविष्य में धार्मिक और समाजिक उद्देश्य के लिए इसका उपयोग किया जा सके।
- वक्फ के विवादों का निपटारा: जब वक्फ संपत्तियों को लेकर कहीं भी विवाद होते हैं, तो वक्फ बोर्ड ही उनका समाधान करता है। इसमें संपत्ति के मालिकाना हक, उपयोग व अन्य कानूनी विवाद शामिल होते हैं।
- धार्मिक और समाजिक कल्याण कार्यों का आयोजन: वक्फ संपत्तियों से प्राप्त आय / आमदनी का उपयोग अस्पतालों, स्कूलों, गरीबों की मदद, अनाथाश्रमों आदि के लिए किया जाता रहा है। बोर्ड यह सुनिश्चित करता है कि धन का उपयोग सही उद्देश्यों के लिए सही तरीके से खर्च किया जाए।
- कानूनी समर्थन: वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों से जुड़ी कानूनी समस्याओं का समाधान करता है और वक्फ के दानदाताओं के अधिकारों की रक्षा स्वयं करता है।
भारतीय वक्फ बोर्ड:
भारत में, राष्ट्रीय वक्फ बोर्ड और राज्य वक्फ बोर्डों का गठन किया गया था। ये बोर्ड वक्फ संपत्तियों का प्रबंधन व रखरखाव करते हैं और सुनिश्चित करते हैं कि इन संपत्तियों का उपयोग सही तरीके से किया जा सके। भारतीय संसद ने वक्फ बोर्ड के प्रबंधन के लिए वक्फ एक्ट 1995 (Waqf Act, 1995) पास किया, जो वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और उनकी देखरेख से संबंधित था।
वक्फ बोर्ड वक्फ संपत्तियों से मिलने वाली आय का उपयोग अलग-अलग धार्मिक कार्यों में करता है और सामाजिक कल्याण में योगदान देता है।