कजाकिस्तान की सरकार ने हिजाब को किया पूर्ण प्रतिबंध।

हिजाब पर बैन: 70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले कजाकिस्तान में हिजाब पर पूर्ण रूप से बैन। 13 देश पहले ही हिजाब बैन कर चुके हैं। Always right and wrong.

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70 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले कजाकिस्तान में हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध: वैश्विक परिप्रेक्ष्य में हिजाब प्रतिबंध की प्रवृत्ति:-

मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान में हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने के बाद एक बार फिर वैश्विक स्तर पर धार्मिक पोशाकों की स्वतंत्रता और राज्य नियंत्रण के बीच संतुलन पर बहस एक बार फिर से शुरू हो गयी है। यह निर्णय इस दृष्टिकोण को देखते हुए और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि कजाकिस्तान की आबादी का लगभग 70% से ज्यादा हिस्सा मुस्लिम धर्म को मानने वाला है और यह देश इस्लाम को एक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के रूप में पहचान दिलाता है। पूर्ण बैन के बावजूद, सरकार द्वारा सार्वजनिक स्कूलों में और सरकारी संस्थानों में हिजाब पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया गया है।

हिजाब पर बैन

कजाकिस्तान की सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि यह एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की पहचान बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही यह सरकारी ड्रेस कोड और आधुनिकता को बढ़ावा देने की नीति का भी एक विशेष है।

दुनियाभर में ऐसे बहुत से देश हैं जिन्होंने हिजाब पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया:- 

1. फ्रांस में पूर्ण प्रतिबंध:- 

फ्रांस एक ऐसा देश है जिसने hijaab पर पूरी तरह से प्रतिबंधित लगा रखा है। फ्रांस यूरोप का पहला ऐसा देश था जिसने वर्ष 2011 में सार्वजनिक स्थानों पर नकाब जिसमे चेहरा ढकने वाला हिजाब, पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था। वर्ष 2004 में, फ्रांस ने पहले ही स्कूलों में धार्मिक प्रतीकों; जैसे हिजाब, क्रॉस, किप्पा आदि; को प्रतिबंधित कर दिया था। पूर्ण प्रतिबंध का मुख्य कारण फ्रांस अपने सेक्युलरिज्म सिद्धांत के तहत धार्मिक प्रतीकों को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने की नीति को अच्छे से अपनाता है।

2. बेल्जियम में भी पूर्ण प्रतिबंध:- 

बेल्जियम में भीसार्वजनिक स्थानों पर हिजाब या नकाब पहनने पर सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है। वर्ष 2011 में बेल्जियम ने भी फ्रांस के बाद सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने वाले किसी भी वस्त्र को पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। बेल्जियम ने यान निर्णय देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक समावेशन को ध्यान में रखते हुए लगाया था।

3. नीदरलैंड में आंशिक प्रतिबंध है:- 

नीदरलैंड की सरकार ने सिर्फ आंशिक प्रतिबंध ही लगाए हुए हैं। वर्ष 2019 से नीदरलैंड ने स्कूल, हॉस्पिटल, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सरकारी कार्यालयों में नकाब या बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाया था। जो आज तक जारी है। आंशिक प्रतिबंध का कारण सार्वजनिक संचार और सुरक्षा को सुचारु रूप से लागू करना था।

हिजाब पर बैन

4. डेनमार्क में पूर्ण प्रतिबंध:- 

डेनमार्क की सरकार ने नकाब लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। जिसे वर्ष 2018 में डेनमार्क की सरकार ने नकाब और बुर्का जैसे चेहरा ढकने वाले कपड़ों पर सार्वजनिक स्थानों पर जाने से प्रतिबंध लगाया था। प्रतिबंध का कारण डेनिश मूल्य प्रणाली को बनाए रखने और लैंगिक समानता की रक्षा करना मुख्य उद्देश्य था।

5. ऑस्ट्रिया में भी पूर्ण प्रतिबंध:- 

आस्ट्रिया में पूर्ण प्रतिबंध है। ऑस्ट्रिया की सरकार ने वर्ष 2017 से सार्वजनिक स्थानों पर चेहरा ढकने वाले परिधान पहनने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। साल 2020 में, स्कूलों में हिजाब पहनने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया। ऑस्ट्रिया की सरकार ने समाज में एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए और धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखने का भरशक प्रयास किया।

6. चीन में मुस्लिम बहुल प्रांत में पूर्ण प्रतिबंध:- 

चीन की सरकार ने मुख्य रूप से शिनजियांग प्रांत में पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुए है। चीन ने मुस्लिम बहुल शिनजियांग में कई इस्लामिक प्रतीकों, हिजाब, नकाब और लंबी दाढ़ी पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाए हुए हैं। चीन ने यह निर्णय आतंकवाद से निपटने के लिए और चीन में एकरूपता लाना के लिए इस नीति को अपनाया हुआ है।

7. सीरिया में नकाब से प्रतिबंध हटा लिया गया है:- 

सीरिया की सरकार ने हिजाब पर प्रतिबंध लगाया था लेकिन विरोध के बाद वर्ष 2010 में बशर अल-असद सरकार ने विश्वविद्यालयों में निकाब पहनने पर रोक लगा दी थी।
हालांकि, बाद में सीरिया की सरकार ने पूर्ण प्रतिबंध को ही हटा लिया था।

8. अज़रबैजान में सिर्फ सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंध:- 

अजरबैजान की सरकार ने सार्वजनिक संस्थानों पर हिजाब पहनने पर अनौपचारिक रोक लगाई हुई है। सरकारी स्कूलों में भी हिजाब पहनने की अनुमति नहीं है। देश में धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र होने के कारण धार्मिक प्रतीकों को सीमित किया हुआ है।

हिजाब पर बैन

कजाकिस्तान में Hijaab प्रतिबंध के बाद पक्ष और विपक्ष सामने आ रहे हैं:-

विरोध के क्या तर्क:

  • कुछ का कहना है कि यह धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
  • महिलाओं के आत्म-निर्णय करने के अधिकार में हस्तक्षेप किया जा रहा है।
  • यह देश के एक समुदाये को को हाशिए पर डाल देगा।

समर्थन के क्या तर्क:

  • देश में समान माहौल बनाए रखने के लिए आवश्यक।
  • सुरक्षा कारणों से चेहरा ढकना समस्या पैदा कर सकता है।
  • आधुनिक शिक्षा और समानता को अधिक बढ़ावा मिलेगा।
हिजाब पर बैन

इसका निष्कर्ष:-

कजाकिस्तान जैसे इस्लाम को मानने वाले एक बहुल देश में Hijaab पर प्रतिबंध लगाना यह दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर हिजाब केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दा भी बना हुआ है। यूरोप से लेकर एशिया तक कई देशों में इस्लामिक पहनावे को लेकर विभिन्न दृष्टिकोण अपनाए जा रहे हैं।

एक ओर कुछ देश इसे धार्मिक स्वतंत्रता का हनन मात्र मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ इसे समावेशी, आधुनिक और सेक्युलर समाज की रक्षा के रूप में भी देखते हैं। भविष्य में देखा जाये तो यह सवाल और अधिक प्रासंगिक होगा कि राज्य की धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत धार्मिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन किस प्रकार बनाया जाये। यह संतुलन ही किसी लोकतांत्रिक समाज की विशेष और अच्छी पहचान होती है।

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