मुंबई-अहमदाबाद कॉरीडोर पर बुलेट ट्रेन 1 घंटे में अहमदाबाद से मुंबई का सफर तय करेगी। जापान की लेटैस्ट E10 बुलेट ट्रेन होगी। Always Right or Wrong.
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन साल 2027 से शुरू होने की संभावना, अब भारत में दौड़ेगी जापान का लेटैस्ट मॉडल E10 बुलेट ट्रेन:- जाने विस्तार से:
भारत में वर्तमान में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि की ओर अपना कदम बढ़ा दिया है। मुंबई से अहमदाबाद के बीच सरकार द्वारा बनाया जा रहा बुलेट ट्रेन कॉरिडोर न केवल भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना होगा, बल्कि यह एशिया में जापान के सहयोग से बनाई जा रही सबसे आधुनिक हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं होगी। साल 2027 तक इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद की जा रही है और इसमें जापान देश की नई और अत्याधुनिक E10 शिंकान्सेन बुलेट ट्रेन भी दौड़ती नजर आएगी।
बुलेट ट्रेन परियोजना का संक्षिप्त परिचय:-
भारत देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाई जा रही है। यह लगभग 508 किलोमीटर लंबा ट्रैक महाराष्ट्र के मुंबई को गुजरात के अहमदाबाद से जोड़ने का काम करेगा। इस परियोजना की नींव 14 सितंबर 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिंजो आबे के द्वारा अहमदाबाद में रखी गयी थी।
क्या है जापान की E10 बुलेट ट्रेन ?
E10 शिंकान्सेन ट्रेन, जापान की नवीनतम और अत्याधुनिक हाई-स्पीड ट्रेनों में से एक है, जिसे मुख्य रूप से उच्च गति के साथ-साथ यात्री सुरक्षा को भी ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किया गया है। यह ट्रेन N700S मॉडल पर आधारित की गयी है जिसे भारत की जलवायु और जरूरतों के हिसाब से अनुकूलित किया गया है।
जापान की E10 बुलेट ट्रेन की मुख्य विशेषताएं:
- इसकी अधिकतम गति 320 किमी/घंटा तक होगी।
- इस बुलेट ट्रेन को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है जो ऐरोडायनामिक नाक (nose) के घर्षण और शोर को भी कम करती है।
- भूकंप आदि के समय अपने आप ब्रेक लगाने की स्मार्ट प्रणाली भी सक्षम होगी।
- वाइड सीटें, साइलेंट केबिन, Wi-Fi और मनोरंजन सुविधा भी प्रदान की गयी है।
- इलेक्ट्रिक पॉवर से चलने वाली यह बुलेट ट्रेन कम ऊर्जा में ज्यादा गति देने वाली तकनीक के साथ सुविधा प्रदान की गयी है।
ट्रेन के निर्माण की वर्तमान स्थिति पर एक नजर:-
- लगभग 508 किलोमीटर के इस कॉरिडोर में से लगभग 400 किलोमीटर का हिस्सा गुजरात राज्य में होगा, 4 किलोमीटर दादरा और नगर हवेली में होगा और शेष भाग महाराष्ट्र राज्य में है।
- इस परियोजना की बागडोर राष्ट्रीय हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानि NHSRCL के हाथों में दी गयी है।
परियोजना में भारत-जापान की कितनी साझेदारी:-
- इस परियोजना को लेकर जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी यानि JICA ने वित्तीय सहायता प्रदान की है।
- लगभग ₹1.1 लाख करोड़ की पहली अनुमानित लागत में से करीब ₹88,000 करोड़ JICA 0.1% ब्याज दर पर 50 साल की लंबी अवधि के लिए भारत सरकार को दे रहा है।
- जापान की तकनीक का इस्तेमाल और ट्रेन निर्माण से लेकर संचालन और रखरखाव तक हर क्षेत्र में भारत को मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।
इस परियोजना में कितनी तकनीकी चुनौतियाँ:-
- भारत सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण में कई स्थानों पर स्थानीय विरोध भी देखा गया था।
- महाराष्ट्र के मुंबई क्षेत्र में अंडरग्राउंड सुरंग निर्माण, खासकर समुद्र के नीचे 21 किलोमीटर लंबी सुरंग जो Palghar-मुंबई तक है, अत्यंत ही जटिल और जोखिम भरा सफर था।
- इस परियोजना के लिए इकोलॉजिकल क्लियरेंस, पेड़ों की कटाई और पर्यावरण प्रभावों के कारण समय-सीमा में काफी देरी देखने को मिली।
इसके मार्ग में आने वाले कुल 12 महत्वपूर्ण स्टेशन इस प्रकार है:
- मुंबई (BKC) स्टेशन
- ठाणे स्टेशन
- विरार स्टेशन
- बोइसर स्टेशन
- वापी स्टेशन
- बिलिमोरा स्टेशन
- सूरत स्टेशन
- भरूच स्टेशन
- वडोदरा स्टेशन
- आनंद-नडियाद स्टेशन
- अहमदाबाद स्टेशन हैं।
इस परियोजना के शुरू होने से क्या लाभ होंगे:-
- इस परियोजना में नए स्टेशनों के इर्द-गिर्द रियल एस्टेट, रोजगार और शहरीकरण को बहुत हद तक बढ़ावा मिलेगा।
- इसके सफर में लाग्ने वाला समय लगभग 6-7 घंटे से घटकर 2 घंटे 7 मिनट ही रह जाएगा, जिससे व्यापारिक यात्राओं में बहुत तेजी देखने को मिलेगी।
- यह ट्रेन पूर्णतः बिजली से संचालित की जा रही है, जिससे प्रदूषण में भारी कमी भी आएगी।
- भारत जैसे देश के लिए बुलेट ट्रेन तकनीक का होना, उसका ट्रैक निर्माण और प्रबंधन में दीर्घकालिक लाभ होने की उम्मीद है।
- भारतीय इंजीनियरों को जापान की तकनीक से जोड़कर और उन्हे प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई देखने को मिलेगी।
भारत सरकार द्वारा देश में भविष्य की बुलेट ट्रेन योजनाएं पर एक नजर:-
इस मुंबई-अहमदाबाद परियोजना के पूर्ण होने के बाद सरकार की आगे की योजना निम्नलिखित है:
- दिल्ली-वाराणसी ट्रेन परियोजना।
- दिल्ली-अहमदाबाद ट्रेन परियोजना।
- मुंबई-नागपुर ट्रेन परियोजना।
- चेन्नई-बैंगलुरु-मायसूर ट्रेन परियोजना।
इसका निष्कर्ष:-
यह परियोजना जो मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन न केवल भारत की परिवहन क्रांति को एक नई दिशा प्रदान करेगी, बल्कि यह भारत की तकनीकी, आर्थिक और पर्यावरणीय दिशा में आत्मनिर्भरता की ओर भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है। जापान की E10 ट्रेन परियोजना जैसी आधुनिक ट्रेनें भारत में सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा का नया आयाम साबित हो सकती है। हालांकि समय-सीमा को लेकर कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, लेकिन सरकार द्वारा इसे निर्धारित गति से आगे बढ़ाया जाता है, तो यह वर्ष 2027 में भारत के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है।