चीन में किस प्रकार बनती है वोटर लिस्ट? चीन में 18 वर्ष की आयु होने पर वोट दे सकते हैं, भारत से कितना अलग है चीन का चुनावी सिस्टम ? Always Right or Wrong.
चीन में वोटर लिस्ट, मताधिकार और चुनावी प्रणाली किस प्रकार होती है:-
चीन और भारत दोनों एशिया के सबसे बड़े और जनसंख्या के क्षेत्र में शीर्ष पर दो देश हैं, लेकिन इन दोनों ही देशों की राजनीतिक प्रणालियाँ पूरी तरह से बिलकुल अलग हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है, जबकि चीन एक एकदलीय साम्यवादी देश के रूप में कार्य करता है। दोनों देशों की चुनाव प्रणाली, वोटर लिस्ट निर्माण और मताधिकार को लेकर देखा जाये तो इनमें जमीन-आसमान का अंतर है।
1. चीन की राजनीतिक प्रणाली:-
चीन की सत्ता संरचना में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी यानि CCP का केंद्रीय स्थान है। चीन का सर्वोच्च नेता राष्ट्रपति होता है, जो पार्टी महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य करता है। चीन में लोकतंत्र का स्वरूप देखा जाये तो पश्चिमी शैली का नहीं होता है। वहाँ कोई भी बहुदलीय आम चुनाव नहीं होते हैं और नागरिक स्वयं राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री को प्रत्यक्ष रूप से नहीं चुन सकते।
2. चीन में वोटर सूची किस प्रकार बनती है ?
a. नागरिकता के आधार पर होता है मतदाता पंजीकरण:-
चीन में वोटर लिस्ट भारत की तरह से व्यवस्थित ढंग से नहीं बनाई जाती है क्योंकि चीन में आम चुनाव नहीं होते हैं। फिर भी स्थानीय स्तर पर चीन में कुछ चुनाव अवश्य होते हैं; जैसे गांवों और कस्बों में होने वाले छोटे चुनाव, जिनमें वोट देने के लिए 3 शर्तें अवश्य पूरी की जानी होती हैं:-
- चीनी का नागरिक होना आवश्यक होता है।
- आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।
- व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और उसके नागरिक अधिकार निलंबित न किए गए हों।
b. वोटर सूची में नाम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया:-
मतदाता सूची का कार्य स्थानीय जन प्रतिनिधि निकाय या पीपुल्स कांग्रेस की निचली इकाई द्वारा ही किया जा सकता है। मतदाताओं के नाम, पते और नागरिकता की पुष्टि स्थानीय सरकार की सहायता से की जाती है। इसमें हूकोउ सिस्टम, यानी घरेलू पंजीकरण प्रणाली की एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है। हूकोउ चीन में व्यक्ति की जन्मस्थली, निवास और सामाजिक सेवाओं का एक प्रकार का रिकॉर्ड होता है, जिससे यह निर्धारित किया जाता है कि कोई व्यक्ति किस इलाके में वोट देगा या नहीं देगा। यदि कोई स्थानीय व्यक्ति किसी और शहर या प्रांत में अपना काम कर रहा है लेकिन उसका हूकोउ स्थानांतरित नहीं किया गया है, तो वह दूसरे क्षेत्र में वोट नहीं दे सकता।
3. चीन में कौन व्यक्ति वोट दे सकता है और कौन नहीं दे सकता ?
a. मताधिकार किस प्रकार होता है:-
चीन के संविधान के अनुच्छेद 34 में कहा गया है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी नागरिक, चाहे उनकी जाति, धर्म, पेशा या सामाजिक वर्ग किसी भी प्रकार का क्यों न हो, उसे वोट देने और खड़े होने का विशेष अधिकार होता है, सिवाय उनके जिनके राजनीतिक अधिकार सरकार/कानून द्वारा निलंबित किए गए हों।”
हालांकि, व्यवहार में देखा गया कि आम नागरिकों को केवल ग्राम स्तर की पीपुल्स कांग्रेस और शहरी इलाकों में नगरपालिका प्रतिनिधियों के चुनाव में ही हिस्सा लेने की अनुमति सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। प्रांतीय, केंद्रीय और राष्ट्रीय नेताओं का चुनाव आम जनता द्वारा नहीं किया जाता, बल्कि निचले स्तर के प्रतिनिधियों द्वारा ही किया जा सकता है। इसलिए चीन का मताधिकार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों ही प्रकार का मिश्रण है लेकिन अधिकांश मामलों में यह अप्रत्यक्ष ही पाया जाता है।
4. चीन में चुनाव की प्रक्रिया पर एक नजर:-
a. चीन में ग्राम और कस्बे का स्तर:-
चीन में हर 3 साल बाद ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। लोग ग्राम समिति यानि Village Committee के सदस्यों का चुनाव करते हैं। देखा जाये तो यह एकमात्र ऐसा चुनाव है जहां आम नागरिक सीधे भाग ले सकता है।
b. शहरी नगरपालिका और जिला स्तर पर होने वाले चुनाव:-
यहाँ पर भी सीमित प्रकार से प्रत्यक्ष चुनाव कराये जाते हैं, लेकिन उम्मीदवार अधिकतर CCP से ही चुने जा सकते हैं या पार्टी द्वारा नामांकित किए जाते हैं।
c. पीपुल्स कांग्रेस प्रणाली पर एक नजर:-
- स्थानीय पीपुल्स कांग्रेस के प्रतिनिधि ही आम नागरिक का चुनाव कर सकते हैं।
- स्थानीय प्रतिनिधि ही प्रांतीय पीपुल्स कांग्रेस के प्रतिनिधि का चुनाव करते हैं।
- प्रांतीय प्रतिनिधि मिलकर ही राष्ट्रीय पीपुल्स कांग्रेस यानि NPC के सदस्य का चुनाव करते हैं।
NPC द्वारा ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व को चुनने की प्रक्रिया का हिस्सा भी माना जाता है, लेकिन यह प्रक्रिया नियंत्रित और निर्देशित प्रकार से ही की जा सकती है।
5. चीन में चुनाव की आलोचनाएं होती रहती हैं:-
- लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की बहुत अधिक कमी पायी जाती है। चीन में कोई स्वतंत्र चुनाव आयोग काम नहीं करता है और संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया CCP के नियंत्रण में काम करती है।
- चुनाव द्वारा चयनित उम्मीदवारों के विरुद्ध खड़ा होना संभव नहीं होता है।
- चुनावों के दौरान जनता को स्वतंत्र जानकारी नहीं मिल पाती। राज्य मीडिया केवल CCP का ही प्रचार कर सकती है।
चीन की वोटर सूची
8. इसका निष्कर्ष:- एक नजर में
चीन की चुनाव प्रणाली का उद्देश्य स्थिरता और पार्टी नियंत्रण को स्पष्ट बनाए रखना है, जबकि भारत की प्रणाली प्रतिनिधित्व और जनसहभागिता पर ही आधारित होती है। जहाँ देखा जाये तो भारत में नागरिकों को अपने नेताओं को चुनने का सीधा अधिकार प्रदान किया जाता है, वहीं चीन में चुनाव प्रणाली नियंत्रित, सीमित और अधिकतर प्रतीकात्मक प्रकार की होती है। वोटर लिस्ट की प्रक्रिया चीन में नागरिक पहचान और हूकोउ प्रणाली पर ही आधारित होती है, जबकि भारत में चुनाव आयोग स्वतंत्र रूप से व्यापक प्रक्रिया के माध्यम से यह सूची बनाकर तैयार करता है। दोनों देशों के राजनीतिक मॉडल उनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और वैचारिक मूल्यों को दिखाते हैं।