बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का पाकिस्तान सरकार से क्या विवाद है? बीएलए क्यों चाहता है अलग देश बनाना? साल 2000 के बाद सक्रिय। Always Right or Wrong.
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का परिचय और महत्व
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी यानि BLA पाकिस्तान का एक सशस्त्र अलगाववादी संगठन है, जो मुख्यतः पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पिछले कई दशकों से सक्रिय है। इसका मुख्य उद्देश्य बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग एक स्वतंत्र राज्य का निर्माण करना है। बीएलए को पाकिस्तान, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ जैसे कई मुख्य देशों ने आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया हुआ है।
बीएलए का प्रारंभिक उभार और इसकी पृष्ठभूमि:-
- बात करें 1970 के दशक की तो BLA का आरंभ साल 2000 में हुआ था, लेकिन इसके पूर्ववर्ती चालक इंडिपेंडेंट बलूचिस्तान मूवमेंट 1973 से 1977 से बताए जाते हैं। उस समय बीएसओ यानि Baloch Student Organization नाम से इस संघर्ष को चलाया जा रहा था। कुछ रिपोर्ट के अनुसार, दो पूर्व केजीबी एजेंट जो मिशा और साशा थे, इस आंदोलन के सूत्रधार बने हुए थे।
- 10 फरवरी 1973 का समय, इस्लामाबाद में पाकिस्तानी पुलिस ने इराकी दूतावास पर छापा मारा था, जहां बहुत से घातक हथियार मिले। पाकिस्तान ने इसे विदेशों से बलोच विद्रोहियों को भेजा गया मानकर उनका तिरस्कार कर दिया था।
- साल 2000 के बाद के दशक की शुरुआत में बीएलए औपचारिक रूप से अस्तित्व में आया था, जिसने सशस्त्र संघर्ष को तेज कर दिया था।
- साल 2004 में इसने अपनी हिंसात्मक गतिविधियाँ काफी तेज कर दी थीं, विशेषकर गैर-बलूच समुदायों और सुरक्षा बलों के खिलाफ इसने अपनी मूहिम शुरू कर दी थी।
- 7 अप्रैल 2006 को पाकिस्तान ने इसे देश का आतंकवादी संगठन घोषित किया; इसके बाद जुलाई 2006 में ब्रिटेन ने भी इसे प्रतिबंधित समूह में शामिल किया।
इसका नेतृत्व और इसका संगठनात्मक ढांचे पर एक नजर:-
असलम बलूच नामक व्यक्ति:-
- वर्ष 1990 के दशक में बीएलए का पुनर्गठन किया गया था। उन्होंने मजीद ब्रिगेड नामक आत्मघाती दस्ते का गठन साल 2010 में किया था, जिसने हाई-प्रोफ़ाइल आत्मघाती हमलों को अंजाम दिया था।
- वे अफगानिस्तान में हीरेड के रूप में छिपने वाले कमांडर थे। उन्हीं की मृत्यु साल 2018 में एक आत्मघाती हमले के दौरान हो गयी थी।
बशीर ज़ैब नामक व्यक्ति:-
- वर्ष 2018 में असलम की मृत्यु के बाद ही बशीर जैब को इस संगठन की कमान सौंप दी गयी थी। वर्तमान में वे बीएलए के प्रमुख हैं; जिसे अमेरिका, पाकिस्तान, चीन, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने आतंकवादी संगठन के रूप में घोषित किया हुआ है।
बीएलए के उपद्रव और इसके हाई-प्रोफ़ाइल हमले: एक नजर में
BLA ने बहुत से बड़े हमलों की जिम्मेदारी ली है: जिसमें:
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- वर्ष 2018 के समय में कराची में चीन के वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था।
- वर्ष 2019 में ग्वादर के होटल में हमला हुआ।
- वर्ष 2022 में कराची विश्वविद्यालय परिसर में महिला द्वारा आत्मघाती हमला किया गया, जिसमें चीनी शिक्षकों की मौत हो गयी थी।
- वर्ष 2024 में क्वेटा रेलवे स्टेशन पर आत्मघाती बम हमला हुआ जिसमें 32 लोग मारे गए, 55 घायल हुए और इसका दावा बीएलए ने किया।
- वर्ष 2025 में आत्मघाती हमले और रेलवे हाईजैक की घटनाएँ भी सामने आईं थीं।
- बीएलए के विशेष आत्मघाती दस्ते, जिसने कई हमले किए है, जैसे: कराची और ग्वादर में आत्मघाती बम धमाका, जाफर एक्सप्रेस ट्रेन का हाईजैक होना, जिसमें 31 लोग मारे गए और 300+ यात्रियों को बंधक बनाया गया था।
- वर्ष 2021 में स्थापित एक और विशेष दस्ते ने शहरी युद्ध और बड़े हमलों के लिए ज़िम्मेदारी ली थी।
अमेरिकी ने बीएलए को किया अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित:-
- वर्ष 2019 में अमेरिका ने BLA को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया वैश्विक आतंकवादी (SDGT) संगठन घोषित किया, साथ ही उसके संसाधनों पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाए थे।
- वर्ष 2025 के समय में अमेरिका ने 11 अगस्त को BLA और Majeed Brigade को Foreign Terrorist Organization यानि FTO की सूची में दाल दिया था, इससे उनके समर्थकों पर अमेरिकी कानून कठोर रूप से लागू हो गए हैं।
इसका निष्कर्ष: एक नजर में
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी का इतिहास बलूच राष्ट्रवाद, सशस्त्र संघर्ष और आधुनिक तकनीकी तरीकों का मिश्रण कहा जाता है। यह संगठन पारंपरिक सरदारों से प्रेरित नहीं है, बल्कि युवा, शिक्षित और आधुनिक नेतृत्व द्वारा संचालित एक अधिक संरचित तथा तकनीकी रूप से सक्षम विद्रोही समूह आज के समय में बनकर उभरा है।
बीएलए का प्रमुख लक्ष्य बलूचिस्तान की राजनीतिक स्वतन्त्रता या मातहत संविलियन अधिकार सुनिश्चित करना मात्र है, जिसे हासिल करने में उसने हिंसात्मक तरीकों, आत्मघाती हमलों और वैश्विक संदर्भ में आतंकवादी घोषणा का रास्ता अपनाया हुआ है। संघर्ष का दीर्घकालिक समाधान संभवतः राजनीतिक संवाद, विकास और स्थानीय अधिकारों को सशक्त बनाने में ही निहित है। आज बीएलए एक आतंकी संगठन बना हुआ है इसके लिए बहुत हद तक पाकिस्तान ही जिम्मेदार है। पाकिस्तान ने हमेशा से ही आतंकवाद को बढ़ावा दिया है। जिसमें उसने भारत में बहुत से आतंकवादी हमले किए हैं।