ट्रंप ने कहा कि क्रीमिया और NATO सदस्यता की उम्मीद पूर्ण रूप से छोड़ दे यूक्रेन, डोनाल्ड ट्रंप ने दिया जेलेंस्की को जोर का झटका। जाने विस्तार से। Always Right or Wrong. 2025
हाल ही में देखा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की को निर्देश देते हुए कहा कि वे नाटो (NATO) सदस्यता की मांग और रूस द्वारा कब्ज़े वाले क्षेत्रों जिसमें विशेषकर क्रिमिया की वापसी पर आधारित अपनी महत्वाकांक्षाओं को हमेशा के लिए छोड़ दें। इस दृष्टिकोण को ट्रम्प ने असंभव करार देते हुए कहा कि शांति समझौते के बजाय तेज़ निर्णय लेने का आग्रह किया जाना चाहिए।
- ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Truth Social पर विस्तार से लिखा कि अगर यूक्रेन शांति लाना चाहता है, तो उसे “क्रिमिया की वापसी” और “नाटो में शामिल होने” की मांग को हमेशा के लिए छोड़ देनी चाहिए। यह टिप्पणी 18 अगस्त, 2025 को ज़ेलेंस्की की अमेरिकी यात्रा से ठीक पहले ट्रम्प द्वारा की गई थी।
- उन्होंने यह भी कहा कि इससे यूक्रेन “लगभग तुरंत” युद्ध को समाप्त भी कर सकता है।
- Al Jazeera ने भी इस बात को बताया कि ट्रम्प ने स्पष्ट शब्दों में जेलेंसकी को निर्देश दिया कि “रूस के कब्ज़े वाले क्षेत्र जिसमें क्रिमिया की माँग” और “नाटो में शामिल होना” किसी समझौते का हिस्सा नहीं हो सकेगा।
ट्रम्प द्वारा शांति की कीमत: शर्तों और प्रतिबंधों की विस्तार से चर्चा:-
- Reuters की रिपोर्ट में कहा गया, ट्रम्प ने ज़ेलेंस्की से कहा कि यदि शांति की तलाश में बड़ा कदम है, यूक्रेन को क्रिमिया और डोनेट्स्क जैसे क्षेत्रों पर अपना दावा छोड़ना ही होगा और नाटो को “असंभव” मानना ही सही कदम होगा।
- इस दृष्टिकोन में नाटो सदस्यता की संभावनाओं को पूरी तरह से ट्रम्प द्वारा खारिज कर दिया गया है।
ट्रम्प द्वारा सुरक्षा गारंटी के विकल्प पर विचार किया जाना:-
- ट्रम्प ने NATO सदस्यता की जगह “नाटो जैसे” (Article 5-style) सुरक्षा गारंटी की पेशकश भी की, जिसमें यूक्रेन को एक तरह की प्रतिरक्षा का वादा भी किया गया, लेकिन पूर्ण सदस्यता कभी नहीं।
- NATO महासचिव मार्क रुटे ने भी पुष्टि की कि NATO में शामिल करना आसान कदम नहीं है, लेकिन “Article 5-type security guarantees” पर विचार किया जा रहा है।
इसपर यूरोपीय दृष्टिकोण, बढ़ती आशंकाएँ और विरोध:-
- यूरोपीय नेता; खासकर फ्रांस और ब्रिटेन; ने इस प्रस्ताव की खुलकर आलोचना भी की। उनका कहना है कि ऐसे समझौते रूस को ओर अधिक बढ़ावा देने वाले हो सकते हैं और लंबे समय तक ये मजबूती नहीं लाएँगे।
- यूरोपीय एकता ज़ेलेंस्की का समर्थन करते हुए इस बात पर भी तेजी से बल दे रही है कि कोई भी समझौता यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण रक्षा करने वाला होना चाहिए।
संप्रभुता की बात पर ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया:-
- ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से अपने शब्दों में कहा कि संविधान के तहत जो “अधिकार वापस करने” की रक्षा करता है; वे कोई क्षेत्रीय समझौता नहीं करने वाले।
- उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व में क्रिमिया के समक्ष की गई “रियायतें” ही रुस को और अधिक आक्रामक बनाने में सहायक साबित हुईं हैं।
ट्रम्प की टिप्पणी पर व्यापक अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य निमन्वत है:-
- Reuters के एक अन्य लेख में यह भी कहा गया है कि ट्रम्प ने बयान दिया कि यूक्रेन की सुरक्षा के लिए अमेरिका यूरोपीय प्रयासों को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा, लेकिन अमेरिकी सैनिकों को न भेजने का स्पष्ट संकेत भी ट्रम्प ने अपने बयानों में दिया है।
- एक और रिपोर्ट में कहा गया कि रूस ने “NATO जैसे” गारंटी स्वीकार करने का भी पूरा संकेत दिया है; जो समझौते में संभावित सामंजस्य का मार्ग बड़े स्तर पर खोलता है।
इसका निष्कर्ष:-
ट्रम्प का यह प्रस्ताव कि क्रिमिया और NATO की माँग छोड़ने की शर्त पर शांति होगी, यकीनन युद्ध को जल्द समाप्त करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास हो सकता है, लेकिन यह कई अन्य प्रश्न भी उठाता है; क्या यह समझौता दीर्घकालीन और टिकाऊ हो सकेगा या केवल क्षणिक मात्र ही होगा?, क्या इससे रूसी आक्रामकता और तेजी से बढ़ेगी, क्योंकि उसे बिना किसी वास्तविक “कीमत” चुकाये सफलता मिलती दिख रही है और क्या यूक्रेन की संप्रभुता और लौकिक अधिकारों का हनन भी नहीं दिख रहा है?
उम्मीद की जा रही है कि संयुक्त अंतर्राष्ट्रीय ढाँचे; विशेष रूप से यूरोपीय सहयोग और NATO-like सुरक्षा गारंटी; के माध्यम से ऐसा समाधान खोजा जाना चाहिए जो संघर्ष को समाप्त करते हुए न्याय, संप्रभुता और दीर्घकालिक शांति को सुनिश्चित कर सके।