प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जुलाई से ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा पर। क्या समझौते होंगे ? Always Right or Wrong.

Table of Contents

Toggle

प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा:-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 जुलाई से शुरू होने वाली चार दिवसीय विदेश यात्रा पर ब्रिटेन और मालदीव का दौरा करेंगे, भारत की विदेश नीति, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक कूटनीतिक उद्देश्यों की दृष्टि से इस यात्रा को काफी महत्वपूर्ण मानी जा रहा है। इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुपक्षीय वार्ताओं, द्विपक्षीय बैठकों और सांस्कृतिक आयोजनों में भी हिस्सा लेंगे।

1. मोदी की विदेश यात्रा का समय और स्वरूप पर एक नजर:-

प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा 23 जुलाई से 26 जुलाई तक होगी। यात्रा के पहले दो दिन जिसमे 23-24 जुलाई को वे ब्रिटेन में रहेंगे, जहां उनका फोकस व्यापार, रक्षा सहयोग, भारतीय प्रवासी समुदाय और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर गंभीर रूप से रहेगा। इसके बाद वे 25 और 26 जुलाई को मालदीव के दौरे पर जाएंगे, जहां भारत-मालदीव संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में द्विपक्षीय वार्ताएं की जाएंगी।

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा

2. ब्रिटेन यात्रा पर भारत-यूके संबंधों की पुनः पुष्टि की जाएगी:-

(क) इस दौरे के रणनीतिक उद्देश्य:-

ब्रिटेन के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर काफी महत्वपूर्ण और ऊर्जावान रहे हैं। ब्रेक्सिट के बाद यूके भारत को एक प्रमुख आर्थिक और रणनीतिक साझेदार के रूप में भी देखा जा सकता है, जबकि भारत और ब्रिटेन को यूरोपीय बाजारों से जोड़ने वाले एक गेटवे के रूप में आप देख सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य यूके के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानि FTA वार्ता को आगे बढ़ाना, रक्षा सहयोग को ज्यादा मजबूत करना, तकनीकी साझेदारी को अधिक विस्तार देना और दोनों देशों के नागरिकों के बीच संबंधों को ओर अधिक मजबूत करना है।

(ख) प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम और बैठकें: एक नजर में

प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से द्विपक्षीय शिखर वार्ता होगी। उसके बाद भारत-यूके व्यापार मंच में भागीदारी पर बातचीत होगी। फिर भारतीय प्रवासी समुदाय को प्रधानमंत्री संबोधन देंगे। उसके बाद रक्षा और तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की जाएगी। आखिरी में लंदन स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का प्रदानमंत्री का कार्यक्रम होगा।

(ग) भारत और ब्रिटेन के बीच प्रमुख मुद्दे:-

  1. भारत और यूके पिछले कुछ वर्षों से एक मुक्त व्यापार समझौते पर लगातार चर्चा कर रहे हैं। इस यात्रा में निर्णायक प्रगति की संभावना भी की जा रही है।
  2. ब्रिटिश रक्षा कंपनियां अपने समकक्ष भारतीय रक्षा उत्पादन में ज्यादा भागीदारी चाहती हैं। भारत के मेक इन इंडिया मिशन के तहत दोनों देशों के बीच जॉइंट वेंचर्स की भरपूर संभावना हो सकती है।
  3. भारत ब्रिटेन के साथ लंबे समय से सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ाना चाहता है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा

भारत-चीन संबंधों में बढ़ती जटिलता के क्या मायने ? पड़ोसी देशों का भविष्य क्या होगा ? जाने वर्तमान से 1947 तक का पूरा इतिहास। Always Right or Wrong.

3. प्रधानमंत्री मोदी की मालदीव यात्रा, जिसमे समुद्री पड़ोसी होने के साथ-साथ साझेदारी को और मजबूत करने पर ज़ोर:-

(क) मोदी की रणनीतिक पृष्ठभूमि पर एक नजर:-

मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी भी है और नेबरहुड फर्स्ट की नीति के तहत भी इसकी अहमियत काफी बढ़ जाती है। चीन के बढ़ते प्रभाव के कारण भारत मालदीव को रणनीतिक रूप से भी अपने पाले में बनाए रखना चाह रहा है।

(ख) प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम पर एक नजर:-

  • सबसे पहले मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज़्जू से शिखर वार्ता होगी।
  • उसके बाद भारत द्वारा निर्मित परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा।
  • उद्घाटन के बाद रक्षा सहयोग पर दोनों के बीच समझौते होंगे।
  • समझौते के पश्चात भारत-मालदीव सांस्कृतिक संगोष्ठी में भी भागीदारी होगी।

(ग) दोनों देशों के बीच प्रमुख मुद्दे:-

  1. भारत ने मालदीव में कई बुनियादी प्रकार की ढांचा परियोजनाएं चलाई हैं; जैसे सड़कें, पुल, आवास और स्वास्थ्य केंद्र आदि, जिसके तहत प्रधानमंत्री इनका उद्घाटन कर सकते हैं।
  2. भारत ने मालदीव को तटरक्षक जहाज और अन्य उपकरण भी प्रदान किए हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त अभ्यास और रक्षा प्रशिक्षण के विस्तार की योजना पर भी ज़ोर दिया गया है।
  3. मालदीव में चीन की आर्थिक घुसपैठ तेजी से बढ़ी है। भारत इस यात्रा के माध्यम से यह संदेश भी देना चाह रहा है कि वह मालदीव का प्राथमिक भागीदार बना रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का विदेश दौरा

https://www.indiatv.in/india/national/pm-modi-is-going-on-a-visit-to-britain-and-maldives-know-why-this-visit-is-special-2025-07-23-1151172

प्रधानमंत्री मोदी का विदेश दौरा

4. प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा पर विपक्ष और आलोचना:-

सरकार जहां इस यात्रा को सफल और आवश्यक मान रही है, वहीं विपक्ष इस यात्रा पर सवाल उठा सकता है कि घरेलू मुद्दों को दरकिनार कर प्रधानमंत्री विदेशी दौरे पर कैसे जा सकते हैं। ब्रिटेन में कुछ मानवाधिकार संगठनों की तरफ से भारत की नीतियों पर भी गंभीर सवाल उठाए जाने की भी संभावना जतायी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी का विदेश दौरा

इसका निष्कर्ष:- संक्षिप्त रूप में

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन और मालदीव की चार दिवसीय यात्रा भारत की बढ़ती सक्रिय विदेश नीति और वैश्विक रणनीति का ही परिणाम माना जा सकता है। दूसरी ओर यह यात्रा जहां एक ओर पश्चिमी लोकतंत्रों के साथ भारत की साझेदारी को काफी मजबूत करेगी, वहीं दूसरी ओर पड़ोसी देशों के साथ विश्वास और सहयोग को बढ़ाने का भी अवसर देगी। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक और अहम कदम माना जा सकता है।

टेसला ने 2025 में किया भारत में प्रवेश, भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की दिशा बदलने की उम्मीद! जाने विस्तार से। Always right and wrong.

बीमा संशोधन विधेयक: 2025 : वित्त मंत्रालय का मानसून सत्र के दौरान संसद में बीमा संशोधन विधेयक पेश करने का होगा लक्ष्य। आइये जाने।

2025: अमेरिका की शुल्क नीति का भारत पर प्रभाव होगा या नहीं, साथ ही चीन की अर्थव्यवस्था खराब होगी या नहीं? आइये जाने विस्तार से,

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *