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2023: इज़राइल-हमास युद्ध, इसका इतिहास, कारण, गाजा संघर्ष। सभी के बारे में जाने विस्तार से। 2025 क्यों हैं महत्वपूर्ण?

2023: इज़राइल-हमास युद्ध, इसका इतिहास, कारण, गाजा संघर्ष। सभी के बारे में जाने विस्तार से। 2025 क्यों हैं महत्वपूर्ण?इज़राइल हमास युद्ध पर एक नजर और जाने इज़राइल का इतिहास:-

2023: इज़राइल-हमास युद्ध

वर्तमान में इज़राइल हमास युद्ध में ग़ाज़ा की त्रासदी पर एक नजर:-

ग़ाज़ा एक संकीर्ण या पतली पट्टी है जो लगभग 365 वर्ग किमी के क्षेत्र में 20 से 21 लाख लोग रहते हैं, जिस कारण यह दुनिया की सबसे घनी आबादियों में से एक है। एक तरफ इज़राइल और दूसरी तरफ मिस्र ने 2007 से ग़ाज़ा पर चारों तरफ से नाकाबंदी लगा रखी है। इसका असर निम्नवत है:

  • कम क्षेत्र में ज्यादा आबादी से बिजली और पानी की भारी कमी है।
  • अधिक आबादी के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं का गहरा संकट है।
  • गरीबी के कारण गंभीर बेरोज़गारी और गरीबी है।
  • मानवाधिकार संगठनों द्वारा इसे खुली जेल भी कहा जाता है

इज़राइल और हमास के बीच जब भी लड़ाई होती है, ग़ाज़ा को ही भारी नुकसान झेलना पड़ा है। पिछले कुछ समय से चल रही लड़ाई में अस्पताल, स्कूल और रिहायशी इलाकों पर जमकर हमले हुए हैं। जिस कारण गाजा पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध

https://youtu.be/dkq7TL7V_8w

इज़राइल हमास युद्ध 2023-2024 का संघर्ष पर एक नजर:

अक्टूबर 2023 में हमास की ओर से हजारों लोगों ने इज़राइल पर एक अप्रत्याशित हमला किया, जिसमें 1400 से अधिक इज़राइली मारे गए। इसके जवाब में इज़राइल ने ग़ाज़ा में भीषण बमबारी की, जिससे 60,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे थे। अस्पतालों, शरणस्थलों और UN की इमारतों को भी निशाना बनाया गया।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध

इज़राइल हमास युद्ध की वर्तमान स्थिति और शांति प्रयास:

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, अरब लीग और यूरोपीय संघ समेत कई देशों ने शांति की कोशिश की है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।

दो-राज्य समाधान (Two-state solution):

यह प्रस्ताव है कि इज़राइल और फिलिस्तीन दो स्वतंत्र देश बनें। हालांकि राजनीतिक जटिलताएँ, अविश्वास और हिंसा इसे संभव नहीं बना पा रहे हैं।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध
निष्कर्ष:

इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद सिर्फ भू-राजनीति का मुद्दा नहीं है, यह मानवीय संकट भी है। दोनों पक्षों के लोग दशकों से पीड़ा, विस्थापन और भय के साथ जी रहे हैं। जब तक न्याय, आत्मनिर्णय का अधिकार और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।

एक स्थायी समाधान तभी संभव है जब दोनों पक्ष एक-दूसरे के अस्तित्व और अधिकारों को स्वीकार करें — और दुनिया उन्हें न्यायसंगत और संतुलित समाधान की ओर ले जाने के लिए एकजुट हो।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध
प्राचीन इज़राइल का इतिहास:

इज़राइल का इतिहास हज़ारों साल पुराना है। यह क्षेत्र जिसे आज इज़राइल और फिलिस्तीन कहा जाता है, प्राचीन काल में कनान के नाम से जाना जाता था। यह यहूदी, ईसाई और इस्लाम – तीनों धर्मों का पवित्र स्थल रहा है। हिब्रू बाइबिल के अनुसार, यहूदी लोग लगभग 3000 साल पहले इस क्षेत्र में बस गए थे और यरूशलम को अपना धार्मिक और राजनीतिक केंद्र बनाया।

राजा डेविड और राजा सुलेमान के समय इज़राइली साम्राज्य अपने चरम पर था। बाद में यह क्षेत्र विभिन्न साम्राज्यों के अधीन आता गया — जैसे बेबिलोन, पर्सिया, यूनान, रोम, बीज़ेंटाइन, मुस्लिम खिलाफत, ओटोमन तुर्क आदि।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध
आधुनिक इज़राइल की स्थापना:

19वीं सदी के अंत में यूरोप में यहूदियों के खिलाफ बढ़ते उत्पीड़न और राष्ट्रवाद के प्रभाव के चलते ज़ायनिज़्म (Zionism) आंदोलन शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य यहूदियों के लिए एक राष्ट्रीय मातृभूमि बनाना था। इसका नेतृत्व थियोडोर हर्ज़ल ने किया।

प्रथम विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन को फिलिस्तीन का नियंत्रण मिला। 1917 में “बैलफोर घोषणा” के तहत ब्रिटिश सरकार ने यहूदियों को वहां बसाने का समर्थन किया। इसके बाद यूरोपीय यहूदियों का पलायन बढ़ा।

द्वितीय विश्व युद्ध और होलोकॉस्ट (जिसमें 60 लाख यहूदियों की हत्या हुई) के बाद अंतर्राष्ट्रीय सहानुभूति यहूदियों के पक्ष में बढ़ गई। 1947 में संयुक्त राष्ट्र ने एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें फिलिस्तीन को दो भागों में बाँटने की योजना थी – एक यहूदी राज्य और एक अरब राज्य।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध

https://youtu.be/n392mnPv_r4

इज़राइल की स्थापना और पहला युद्ध (1948):

14 मई 1948 को डेविड बेन-गुरियन ने इज़राइल की स्वतंत्रता की घोषणा की। अगले ही दिन अरब देशों — मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, लेबनान और इराक — ने हमला कर दिया। इस युद्ध को यहूदी “स्वतंत्रता संग्राम” कहते हैं, जबकि अरब इसे “नक़बा” (अर्थात “विनाश”) कहते हैं, क्योंकि लाखों फिलिस्तीनी विस्थापित हुए।

युद्ध में इज़राइल विजयी हुआ और उसने संयुक्त राष्ट्र की योजना से अधिक क्षेत्र पर कब्जा कर लिया। लगभग 7 लाख फिलिस्तीनी शरणार्थी बन गए और आज भी उनकी पीढ़ियाँ विभिन्न देशों में शिविरों में रह रही हैं।

2023: इज़राइल-हमास युद्ध
इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद का मूल:

यह विवाद भूमि, पहचान, और अधिकारों पर आधारित है। मुख्य मुद्दे:

  1. भूमि का अधिकार: इज़राइल अपने को यहूदी मातृभूमि मानता है, जबकि फिलिस्तीनी इसे अपने पूर्वजों की ज़मीन मानते हैं।
  2. यरूशलम का विवाद: दोनों इसे अपनी राजधानी मानते हैं। इज़राइल ने यरूशलम को “अविभाज्य राजधानी” घोषित किया है, जबकि फिलिस्तीनी पूर्वी यरूशलम को अपनी भविष्य की राजधानी मानते हैं।
  3. शरणार्थी समस्या: लाखों फिलिस्तीनी शरणार्थी अपने घरों में लौटना चाहते हैं, जिसे इज़राइल राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा मानता है।
  4. बस्तियों का निर्माण: इज़राइल ने वेस्ट बैंक में यहूदी बस्तियाँ बसाई हैं, जिसे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय अवैध मानता है।

मुख्य संघर्ष और युद्ध:
  1. 1967 का युद्ध (छह दिवसीय युद्ध): इज़राइल ने मिस्र, सीरिया और जॉर्डन को हराकर वेस्ट बैंक, ग़ाज़ा, गोलेन हाइट्स और सिनाई पर कब्जा कर लिया। यह युद्ध अरब दुनिया के लिए बड़ा अपमान था और आज भी उसका असर है।
  2. 1987 और 2000 की इंतिफादा (जनविद्रोह): फिलिस्तीनियों ने इज़राइली कब्जे के खिलाफ बड़े आंदोलन किए। इन विद्रोहों में हजारों जानें गईं।
  3. हमास और ग़ाज़ा: 2006 में ग़ाज़ा में फिलिस्तीनी संगठन हमास ने चुनाव जीता और 2007 में वहां का नियंत्रण ले लिया। हमास इज़राइल को मान्यता नहीं देता और दोनों के बीच बार-बार हिंसक संघर्ष होते हैं।

https://youtu.be/qNCNpRscvtg

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